सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

💁🏻‍♂️ *थायराइड क्‍या है*

👉 *थायराइड शरीर का एक प्रमुख एंडोक्राइन ग्लैंड है जो तितली के आकार का होता है एवं गले में स्थित है। इसमें से थायराइड हार्मोन का स्राव होता है जो हमारे मेटाबालिज्म की दर को संतुलित करता है। थायराइड ग्लैंड्स शरीर से आयोडीन लेकर इन्हें बनाते हैं। यह हार्मोन मेटाबॉलिज्म को बनाए रखने के लिए जरूरी होती हैं। थायराइड हार्मोन का स्राव जब असंतुलित हो जाता है तो शरीर की समस्त भीतरी कार्यप्रणालियां अव्यवस्थित हो जाती हैं। थायराइड दो प्रकार का होता है, पहला हाइपोथायराइड एवं दूसरा हायपरथायराइड।*   हाइपोथायराइड  इसमें थायराइड ग्लैंड सक्रिय नहीं होता जिससे शरीर में आवश्यकतानुसार टी.थ्री व टी. फोर हार्मोन नहीं पहुंच पाता है। इस स्थिति में वजन में अचानक वृद्धि हो जाती है। सुस्ती महसूस होती है। रोजाना की गतिविधियों में रूचि कम हो जाती है। शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम़जोर हो जाती है। पैरों में सूजन व ऐंठन की शिकायत होती है। चलने में दिक्कत होती है। ठंड बहुत महसूस होती है। कब्ज होने लगती है। चेहरा व आंखें सूज जाती हैं। मासिक चक्र अनियमित हो जाता है। त्वचा सूखी व बाल बेजान होकर झड़ने लगते ...

मीठा : सेहत के लिए नही अच्छा

*_मीठा : सेहत के लिए नही अच्छा : एक महीने के लिए मीठा छोड़कर देखिए, आप खुद महसूस करने लगेंगे ये 14 बदलाव_*   मीठा बोलना तक तो ठीक है पर मीठा खाना सेहत कै लिए उतना ही नुकसानदायक है जानिये मीठे से होने वाले प्रभावों को ... *1 चीनी का सेवन* चीनी का सेवन आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और आपके शरीर को ऊर्जा मिलती है। मीठा खाना लगभग हर किसी को पसंद होता है, यह जानते हुए भी कि आजकल के दौर में हम शारीरिक तौर पर ज्यादा मेहनत नहीं करते, फिर भी मीठा तो बहुत से लोगों की वीकनेस है। *2 मीठा* वैसे इस श्रेणी में मैं भी शामिल हूं। खाने के बाद मीठा तो जरूर चाहिए, मौसम अच्छा हो तो मीठा चाहिए, गर्मी ज्यादा हो तो मिल्कशेक चाहिए, ठंड हो तो जलेबी या गर्मागर्म हलवा चाहिए। बाकी बिना किसी अवसर के भी कभी-कभी मीठा खाया जाए तो कोई क्या प्रॉब्लम है। *3 बिना मीठे के भोजन* लेकिन क्या कभी आपने ये सोचा है अगर खाने से मीठे की मात्रा हटा ली जाए, आपके भोजन से चीनी को पूरी तरह गायब कर दिया जाए तो शरीर पर किस तरह के प्रभाव देखने को मिलते हैं? नहीं सोचा तो चलिए हम ही आपको बता देते हैं कि अगर आप आने वाले एक महीने तक चीन...

रात को दही में सोने का सिक्का डालकर, सुबह के समय इस दही को खाने से शरीर में क्या होता है?

रात को दही में सोने का सिक्का डालकर, सुबह के समय इस दही को खाने से शरीर में क्या होता है? रात को एक कटोरी दूध लें और उसमें एक सोने का सिक्का डालकर अलग से दही को जमा दे। सुबह के समय सोने के सिक्के को निकाल लें और इस दही का खाली पेट सेवन करें क्योंकि खाली पेट सेवन करना ज्यादा लाभकारी माना गया है। एक घंटे तक कुछ न खाए। इस दही का रोजाना सेवन करने से जो शरीर को फायदे मिलते हैं वह इस प्रकार हैं:- 1. इस दही के सेवन से शरीर की थकावट दूर होती है। बुढ़ापे को दूर करने और जवानी को बरकरार रखने में सहायक है। 2. मधुमेह जैसे रोग से लड़ने में काफी कारगर साबित होता है। मधुमेह के कारण पुरषों में आईं शारीरिक शक्ति में हुई कमी को भी दूर करता है। 3. इस दही के रोजाना सेवन से पेट की सभी बीमारियों से छुटकारा मिलता है। पेट की गर्मी शांत होती है और पाचन शक्ति बढ़ती है। 3. इस दही के सेवन से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है। 5. इसके रोजाना सेवन से त्वचा का रूखापन दूर होता है। त्वचा में चमक और निखार आता है। 6. हृदय संबंधी रोग दूर होते हैं और हृदय की मांसपेशियां भी शक्तिशाली बनती है। 7. अ...

*🌹हाथों से भोजन करना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद*

*🌹हाथों से भोजन करना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद*  🌹आजकल पाश्चात्य रहन-सहन से प्रभावित होकर हाथों से भोजन करने के बजाय चम्मच और काँटों के उपयोग का प्रचलन बढ़ रहा है । हाथों से भोजन करने के लाभों से हम परिचित नहीं हैं । 🌹हमारा शरीर पाँच तत्वों से बना है । मुद्रा विज्ञान के अनुसार हमारे हाथों से ऊर्जा का तीव्र बहाव होता रहता है । अँगूठा अग्नि, तर्जनी उँगली वायु, मध्यमा आकाश, अनामिका पृथ्वी व कनिष्ठिका जल-तत्व का प्रतिनिधित्व करती हैं । इन पाँचों तत्वों का असंतुलित होना विभिन्न बीमारियों की जड़ है। 🌹 हाथ से भोजन करते समय हम उँगलियों और अँगूठे को मिलाकर भोजन करते हैं, जिससे पाँचों तत्व एकजुट हो जाते हैं और भोजन ज्यादा ऊर्जादायक व स्वास्थ्यप्रद बन जाता है । इससे हमारे प्राणाधार की ऊर्जा भी संतुलित रहती है । 🔹 भोजन करने के लिए जब हम भोजन को स्पर्श करते हैं तो हमारा मस्तिष्क पेट को यह संकेत देता है कि हम भोजन करने वाले हैं । इससे हमारा पेट भोजन को पचाने के लिए तैयार हो जाता है और पाचन-क्रिया सुधरती है । 🔹हाथ एक अच्छे तापमान-संवेदक का काम भी करता है । भोजन यदि ज्यादा गर्म होता है तो उसे म...

आड़ू के पेड़ को लगायें और लाभ सब को पहुंचायें..

आड़ू के पेड़ को लगायें और लाभ सब को पहुंचायें...आडू को स्वर्ग का फल भी कहा जाता है.!! जाने औषधीय गुण !! आडू शीतोष्णकटिबन्ध का एक प्रसिद्ध फल है यह ईरान देशज समझा जाता है चीन से यह ईरान गया । आडू एक पर्णपाती पेड़ जिसका रसदार फल आडू लाल, गुलाबी, पीला, सफेद या उन रंगों का एक संयोजन हो सकता है । आडू के पेड़ छोटे कद के लगभग 20 फुट ऊंचे और उनकी उम्र 12 साल रहती है । भारत में आडू की व्यवसायिक बागवानी हिमाचल प्रदेश, काश्मीर तथा उत्तराखण्ड में होता है । अपने उत्तम स्वाद और आर्कषक रंग के कारण आडू ताजे खाने वाले फलों में शीर्ष स्थान पर माना जाता है । आडू गूदेदार, रसीला और सुखद खुशबू के साथ स्वाद में तीखा होता है । आडू लाल-पीले रंग तथा इनका गूदा सफेद या पीला होता है । फलों से जैम, नेक्टर, रस और बेवरेजेज बनाये जाते हैं । आडू की गिरी से प्राप्त तेल को सौंदर्य प्रसाधन व मवेशियों के भोजन में प्रयोग करते हैं । इससे दवाईयां और जैविक खाद तैयार की जाती है । पोषक तत्व – आडू के 100 ग्राम प्रति पोषक मूल्य- ऊर्जा 39 किलो कैलारी, कार्बोहाइडेट 7 प्रतिशत, प्रोटीन 1.5 प्रतिशत, फाइबर 4 प्रतिशत, फोलेट 1 प्रतिशत, नायसिन...

*हार्मोन्स असंतुलन*

💁🏻‍♂️ *हार्मोन्स असंतुलन* *क्यों होता है असंतुलन* - महिलाओं में हॉर्मोंस असंतुलित होने के कई कारण हैं : खराब लाइफस्टाइल, न्यूट्रिशन की कमी, एक्सरसाइज न करना, तनाव, पीसीओडी, थायरॉइड, ओवेरियन फेलियर आदि। - लोग मानते हैं कि हॉर्मोन असंतुलन मेनोपॉज के बाद होता है, जबकि यह पूरी तरह गलत है। कई महिलाएं सारी उम्र हॉर्मोन असंतुलन से परेशान रहती हैं। - जीवनशैली और खानपान से जुड़ी आदतों में बदलाव के कारण महिलाएं हॉर्मोन असंतुलन की शिकार पहले की तुलना में अब ज्यादा हो रही हैं। - जंक फूड और दूसरे खाद्य पदार्थों में कैलरी की मात्रा तो बहुत ज्यादा होती है लेकिन पोषक तत्वों की मात्रा काफी कम होती है। इससे शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और दूसरे पोषक तत्व नहीं मिल पाते। - कॉफी, चाय, चॉकलेट और सॉफ्ट ड्रिंक आदि के ज्यादा सेवन के कारण भी कई महिलाओं की एड्रिनलीन ग्रंथि ज्यादा सक्रिय हो जाती है, जो हर्मोन के स्राव को प्रभावित करती है। - गर्भनिरोधक गोलियां भी हॉर्मोन के स्राव को प्रभावित करती हैं। *ये हैं बैलेंस बिगड़ने के लक्षण* महिलाओं में हर महीने फीमेल हॉर्मोन एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन बनता है...

28 दिन का PG

*28 दिन का PG* एक  महिला हैं, वो जयपुर में एक PG ( *पेइंग गेस्ट* ) रखती हैं।  उनका अपना पुश्तैनी घर है, उसमे बड़े बड़े 10 - 12 कमरे हैं।  उन्हीं कमरों में *हर एक मे 3 bed लगा रखे हैं।*  उनके PG में *भोजन* भी मिलता है।  खाने खिलाने की शौकीन हैं। *बड़े मन से बनाती खिलाती हैं।*  उनके यहां इतना शानदार भोजन मिलता है कि अच्छे से अच्छा Chef नही बना सकता।  आपकी माँ भी इतने *प्यार से* नही खिलाएगी जितना वो खिलाती हैं। उनके PG में ज़्यादातर नौकरी पेशा लोग और छात्र रहते हैं। सुबह Breakfast और रात का भोजन तो सब लोग करते ही हैं।  जिसे आवश्यकता हो उसे दोपहर का भोजन pack करके भी देती हैं। पर उनके यहां एक बड़ा *अजीबोगरीब नियम है,*  हर महीने में सिर्फ *28 दिन* ही भोजन पकेगा। शेष 2 या 3 दिन होटल में खाओ,  ये भी नही कि PG की रसोई में बना लो।  *रसोई सिर्फ 28 दिन खुलेगी। शेष 2 या 3 दिन Kitchen Locked रहेगी।*  हर महीने के आखिरी तीन दिन *Mess बंद।*  Hotel में खाओ, चाय भी बाहर जा के पी के आओ। मैंने उनसे पूछा कि ये क्यों? ये क्या अजीबोगरीब नियम है।...

काला नमक Black Salt

*" _काला नमक Black Salt_ "* कैसे बनता है ? भारतीय व्यंजन को अत्यन्त लाभकारी एवं पोषक बनानें में इसका उपयोग क्यों ..?? *काला नमक और स्वास्थ्य :-* काला नमक कई आयुर्वेदिक और चिकित्सीय गुणों से समृद्ध होता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी ही नहीं वरन् आवश्यक है। इसमें आयरन की अच्छी मात्रा होनें से , सीने में जलन, सूजन और पेट फूलने की समस्या से छुटकारा तो मिलता ही है। यह उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए भी बहुत गुणी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें सोडियम की कम मात्रा होती है। जिससे रक्तचाप बढ़ने का जोखिम कम हो सकता है। इसके अलावा, काला नमक युक्त आहार के नियमित रूप से सेवन करने पर आंखों की रोशनी में सुधार, पाचन में मदद और आंत को स्वस्थ रखा जा सकता है। इस लिए, ब्लैक साल्ट को सेहत के लिए अच्छा माना जा सकता है। 🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸 ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु। मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ 🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸

जोड़ों और मांसपेशियों का बढ़ता दर्द

जोड़ों और मांसपेशियों का बढ़ता दर्द एक अध्ययन के मुताबिक 1999-2010 के बीच मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द से जुड़ी बीमारियों में 45 फीसदी का इजाफा हुआ है। शोध बताते हैं कि भविष्य में मानसिक रोगों के बाद मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द की बीमारी दूसरी सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या होगी।  समय पर सही जांच व उपचार के बारे में बता रही हैं एम्स के डिपार्टमेंट ऑफ रूमैटॉलजी में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर उमा कुमार देश में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां मधुमेह, रक्तचाप, दिल के रोग आदि बढ़ रहे हैं, लेकिन एक और बीमारी है, जो तेजी से अपने पैर पसार रही है। खेद की बात यह है कि इसकी ओर नीति-निर्माताओं का ध्यान भी कम है। यह रोग है मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द से जुड़ा गठिया या आर्थ्राइटिस। इसमें मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, सूजन, लालिमा पैदा होती है। इसके रोगी को उठने-बैठने, चलने-फिरने, झुकने या किसी खास किस्म का कार्य करने में तकलीफ होती है। इसे रूमैटिज्म या गठिया कहते हैं। गठिया की बीमारी करीब दो सौ किस्म की होती है। कई बार कई किस्म के बुखार या कभी-कभी मांसपेशियों के दबने या उन पर दबाव पड़ने की वजह ...

*" _काला नमक Black Salt_ "*

*" _काला नमक Black Salt_ "* कैसे बनता है ? भारतीय व्यंजन को अत्यन्त लाभकारी एवं पोषक बनानें में इसका उपयोग क्यों ..?? *काला नमक और स्वास्थ्य :-* काला नमक कई आयुर्वेदिक और चिकित्सीय गुणों से समृद्ध होता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी ही नहीं वरन् आवश्यक है। इसमें आयरन की अच्छी मात्रा होनें से , सीने में जलन, सूजन और पेट फूलने की समस्या से छुटकारा तो मिलता ही है। यह उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए भी बहुत गुणी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें सोडियम की कम मात्रा होती है। जिससे रक्तचाप बढ़ने का जोखिम कम हो सकता है। इसके अलावा, काला नमक युक्त आहार के नियमित रूप से सेवन करने पर आंखों की रोशनी में सुधार, पाचन में मदद और आंत को स्वस्थ रखा जा सकता है। इस लिए, ब्लैक साल्ट को सेहत के लिए अच्छा माना जा सकता है। 🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸 ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु। मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ 🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸

*सौंफ (लैक्टोबैसिलस)*

आज की भारतीय ज्ञानवर्धक जानकारी✍🏻🙏🏻 *सौंफ (लैक्टोबैसिलस)* *दो दिन पहले वैज्ञानिकों के एक ग्रुप के साथ बैठा था। कुछ ज्ञान-विज्ञान और खाने के बाद स्वीट्स का दौर चल रहा था। यूं ही बात करते करते किसी ने बात छेड़ दी, विदेश में भोजन की। एक नौजवान ने अपना अनुभव बताया कि किस प्रकार उसके दोस्त को कोरिया में कुछ भी खाने को नहीं मिला तो उसको एक इंडियन मित्र ने थोड़ा सा दही का कल्चर दिया कि जा दही जमा ले। मतलब वहां दही भी नहीं मिलता। खैर अपन को इहां तक तो वार्ता में कोई इंटरेस्ट नहीं आ रहा था और हम चुपचाप अपना भोजन कर रहे थे।* *वहीं एक बैक्टेरियोलॉजिस्ट भी बैठा था। इसी बात पर उसने यूँ ही कमेंट कर दिया कि हाँ जब पहली बार कभी दही का कल्चर बनाया गया तो सौंफ से बनाया था।*  *हमारे कान खड़े हो गए। सौंफ? सौंफ से? वही सौंफ जो हम हजारों सालों से खाने के बाद यूं ही चबा लेते हैं या पान में डाल कर खाते आए हैं सदियों से।* *हमने पूछा सौंफ से दही का कल्चर? वो कैसे?*  *तो वैज्ञानिक महोदय ने बड़े कूल कूल बताया कि हां, सौंफ के सर्फेस पर बहुत सारा "लैक्टोबैसिलस" होता है ना।*  *वो कहां से आता है सौंफ पर...

*अपने घुटने कभी मत बदलिये*

🔴 *अपने घुटने कभी मत बदलिये*  🔴50 साल के बाद धीरे-धीरे शरीर के जोडों मे से लुब्रीकेन्ट्स एवं केल्शियम बनना कम हो जाता है।  🔴जिसके कारण जोडों का दर्द ,गैप, केल्शियम की कमी, वगैरा प्रोब्लेम्स सामने आते है,  🔴जिसके चलते आधुनिक चिकित्सा आपको जोइन्ट्स रिप्लेस करने की सलाह देते है,  🔴तो कई आर्थिक रुप से सधन लोग यह मानते है की हमारे पास तो बहुत पैसे है  🔴तो घुटनां चेंज करवा लेते है। 🔴 किंतु क्या आपको पता है जो चीज कुदरत ने हमे दी है,  🔴वो आधुनिक विज्ञान या तो कोई भी साइंस नही बनां सकती।  🔴आप कृत्रिम जॉइन्ट फिट करवा कर थोडे समय २-४ साल तक ठीक हो सकते है।  🔴लेकिन बाद मे आपको बहुत ही तकलीफ होगी।  🔴जॉइन्ट रिप्लेसमेंट का सटीक इलाज आज मे आपको बता रहा हूँ । 🔴वो आप नोट कर लीजिये और हां ऐसे हजारो जरुरतमंद लोगो तक पहुचाये जो रिप्लेसमेंट के लाखो रुपये खर्च करने मे असमर्थ है।   🔴 *बबूल* नामके वृक्ष को आपने जरुर देखा होगा।  🔴यह भारतमे हर जगह बिना लगाये ही अपने आप खडा़ हो जाता है,  🔴अगर यह बबूल नामका वृक्ष अमेरिका या तो विदेशाें...

*नपुंसकता तन से नहीं मन से उपजा रोग*

*नपुंसकता तन से नहीं मन से उपजा रोग* *नपुंसकता आज की भागती दौड़ती जिंदगी, बढ़ते तनाव, आधुनिक जीवनशैली से जुड़ा रोग है या फिर मन का रोग. इस रोग के विभिन्न पहलुओं पर पढ़िए जानकारीपरक लेख.* चिकित्सा की भाषा में नपुंसकता यानी इंपोटैंस उस स्थिति को कहते हैं जिस में व्यक्ति मानसिक या शारीरिक रूप से यौन क्रिया का आनंद नहीं ले पाता है. जरूरी नहीं कि यह बीमारी अधिक उम्र के पुरुष में ही हो, बल्कि कुछ नौजवान भी इस के शिकार हो जाते हैं. यह बीमारी प्रजननहीनता यानी इंफर्टिलिटी से अलग है जिस में व्यक्ति के वीर्य में या तो शुक्राणु नहीं होते या बहुत ही कम मात्रा में होते हैं जिस के कारण वह व्यक्ति यौन क्रिया तो सफलतापूर्वक कर लेता है लेकिन संतान उत्पन्न करने में असमर्थ होता है. दरअसल, इस के पीछे शारीरिक व मानसिक दोनों कारण होते हैं. नए शोधों से पता चला है कि मधुमेह व हार्मोन के असंतुलन से नपुंसकता हो सकती है. शरीर में किसी प्रकार के संक्रमण के कारण व्यक्ति नपुंसकता का शिकार हो सकता है या फिर शरीर में चोट लगना, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान व मदिरापान जैसे अन्य शारीरिक कारण भी हो सकते हैं. हमारे जीवन में हार्...

*शुद्ध शहद की पहचान और प्रयोग*

*शुद्ध शहद की पहचान और प्रयोग* *Super 👌 Food in the World* *शहद जन्म से लेकर अंत तक ले सकते हैं , शहद को पचाने की जरूरत नहीं होती क्योंकि Bee 🐝 शहद को पहले ही digestive बना देती हैं इसलिए बच्चे 👩🏼‍🍼 को जन्म के समय शहद चटाया जाता है* तुरत ऊर्जा देता है बाजार में और आपके दरवाजे पे आपने शहद बेचते देखा होगा क्या आपको पता है कि शुद्ध शहद की क्या पहचान है मिलावट से बचने के लिए आप को पता होना चाहिए कि जो शहद आप खरीद रहे है वो नकली है या असली और आपको ये भी बतायेगे कि शुद्ध शहद के क्या उपयोग है - *शुद्ध शहद 🍯 की पहचान-* 1- *शुद्ध शहद में खुशबू रहती है और वह सर्दी में जम जाता है तथा गरमी में पिघल जाता है-* 2- *शुद्ध शहद को कुत्ता कभी नहीं खाता-* 3- *कागज पर शहद डालने से नीचे निशान नहीं* आता है- 4- *शहद की कुछ बूंदे पानी में डालें यदि यह बूंदे पानी में बनी रहती है तो शहद असली है* और शहद की बूंदे पानी में मिल जाती है तो शहद में मिलावट है- 5- *रूई की बत्ती बनाकर शहद* में भिगोकर जलाएं यदि बत्ती जलती रहे तो शहद शुद्ध है- 6- *एक ज़िंदा मक्खी पकड़कर शहद में डालें उसके ऊपर शहद डालकर मक्खी को दबा द...

गोंद कतीरा का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक हे

गोंद कतीरा का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक हे *********************************************** गोंद कतीरा तासीर में ठंडा है, इसलिए गर्मी में इसका सेवन करें। इसके सेवन से शरीर में ताक़त बनी रहती है पेशाब में जलन और पेशाब सम्बंधित बीमारी में यह रामबाण की तरह काम करता है गोंद कतीरा का प्रयोग विभिन्न प्रकार के रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है। गोंद कतीरा के गुण :- गोंद कतीरा शरीर के खून को गाढ़ा करता है, हृदय की कठोरता को दूर करता है और आंतों की खराश को दूर करके बलवान बनाता है। यह शरीर से निकलने वाले खून को रोकता है, सांस रोग को दूर करता, खांसी को नष्ट करता व कफ दूर करता है। यह छाती की खरखराहट और फेफड़ों के जख्मों को खत्म करता है। इसका प्रयोग जहर को उतारने के लिए भी किया जाता है विशेषकर गर्म मिजाज वालों व्यक्ति के जहर को। पेशाब की जलन, मासिकस्राव का कम आना, हाथ-पैरों की जलन, सिर की जलन, खुश्की, अधिक प्यास लगना आदि रोग ठीक होते हैं।. शरीर की गर्मी व जलन से छुट्टी- अगर आपके हाथ-पैरों में जलन की समस्या हो तो 2 चम्मच कतीरा को रात को सोने से पहले 1 गिलास पानी में भिगों दें। सुबह कतीरा...

बुज़ुर्गों का सम्मान करें यह हमारी धरोहर है ...

पिता जिद कर रहे थे कि उसकी चारपाई गैलरी में डाल दी जाये। बेटा परेशान था। बहू बड़बड़ा रही थी..... कोई बुजुर्गों को अलग कमरा नही देता। हमने दूसरी मंजिल पर कमरा दिया.... सब सुविधाएं हैं, नौकरानी भी दे रखी है। पता नहीं, सत्तर की उम्र में सठिया गए हैं गैलरी से सबका निकलना आना जाना है पता नही वहां क्यो पड़े रहना चाहते हैं? पिता कमजोर और बीमार हैं चारपाई से उठ भी नही पाते.... जिद कर रहे हैं, तो उनकी चारपाई गैलरी में डलवा ही देता हूँ। अमित ने सोचा। पिता की इच्छा  पू्री करना उसका स्वभाव था। अब पिता की चारपाई गैलरी में आ गई थी। हर समय चारपाई पर पडे रहने वाले पिता अब टहलते टहलते गेट तक पहुंच जाते । कुछ देर लान में टहलते । लान में खेलते नाती - पोतों से बातें करते , हंसते , बोलते और मुस्कुराते । कभी-कभी बेटे से मनपसंद खाने की चीजें लाने की फरमाईश भी करते । खुद खाते , बहू - बटे और बच्चों को भी खिलाते .... धीरे-धीरे उनका स्वास्थ्य अच्छा होने लगा था। दादा !  मेरी बाल फेंको... गेट में प्रवेश करते हुए अमित ने अपने पाँच वर्षीय बेटे की आवाज सुनी, तो अमित अपने बेटे को डांटने लगा... अंशुल बाबा बुजुर...

गोंद कतीरा का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक हे

गोंद कतीरा का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक हे *** गोंद कतीरा तासीर में ठंडा है, इसलिए गर्मी में इसका सेवन करें। इसके सेवन से शरीर में ताक़त बनी रहती है पेशाब में जलन और पेशाब सम्बंधित बीमारी में यह रामबाण की तरह काम करता है गोंद कतीरा का प्रयोग विभिन्न प्रकार के रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है। गोंद कतीरा के गुण :- गोंद कतीरा शरीर के खून को गाढ़ा करता है, हृदय की कठोरता को दूर करता है और आंतों की खराश को दूर करके बलवान बनाता है। यह शरीर से निकलने वाले खून को रोकता है, सांस रोग को दूर करता, खांसी को नष्ट करता व कफ दूर करता है। यह छाती की खरखराहट और फेफड़ों के जख्मों को खत्म करता है। इसका प्रयोग जहर को उतारने के लिए भी किया जाता है विशेषकर गर्म मिजाज वालों व्यक्ति के जहर को। पेशाब की जलन, मासिकस्राव का कम आना, हाथ-पैरों की जलन, सिर की जलन, खुश्की, अधिक प्यास लगना आदि रोग ठीक होते हैं।. शरीर की गर्मी व जलन से छुट्टी- अगर आपके हाथ-पैरों में जलन की समस्या हो तो 2 चम्मच कतीरा को रात को सोने से पहले 1 गिलास पानी में भिगों दें। सुबह कतीरा के फूल जाने इसको शक्कर के साथ मिलाकर रोजाना...

खरबूजे –के लाभ सभी तक पहुंचायें

खरबूजे –के लाभ सभी तक पहुंचायें आप स्वस्थ हों देश स्वस्थ हो और साथ ही अपना व देश का करोड़ों रुपये बचायें खरबूजे – Musk Melon: डॉक्टर से ज़्यादा उपयोगी है  खरबूजे का परिचय (Introduction of Musk Melon) प्रकृति ने आपके खाने के लिए कई फल बनाएं हैं, जो मौसम के अनुकूल पैदा होते हैं। इसके उचित सेवन से मनुष्य अपने शरीर को स्वस्थ रख सकता है। गर्मियों में खरबूज (muskmelon benefits in hindi), ककड़ी, तरबूज जैसे फल मिलने शुरू हो जाते हैं। गर्मी से मुरझाया शरीर और मन दोनों इसे खाते ही तरोताजा हो जाते हैं। खरबूज (Muskmelon Fruit) अपनी मिठास एवं स्वाद के लिये अत्यन्त लोकप्रिय है। खरबूज के बीजों की गिरी का उपयोग पकवान तथा विभिन्न प्रकार की मिठाईयों में मेवे के रूप में किया जाता है। क्या आप जानते हैं कि खरबूज का प्रयोग आप एक औषधि के रूप में भी कर सकते हैं? What is Musk Melon? Musk Melon Called in Different Languages Medicinal Benefits of Musk Melon Kharbuja Benefits in Relief from Headache Kharbuja Uses in Cure Throat Problems Use of Kharbuja for Clean & Glowing Face Benefits of Kharbuja in Cure C...

गर्मियों में कैसे बनाये बॉडी*

*गर्मियों में कैसे बनाये बॉडी*   गर्मी में न सिर्फ वातावरण, बल्कि शरीर का तापमान भी बढ़ता है। बेचैनी, घबराहट, सुस्ती के अलावा पेट संबंधी परेशानियां इस मौसम में आम हैं। *डाइट और दिनचर्या में थोड़ी फेरबदल कर के* पसीना, डिहाइड्रेशन, बेचैनी, घबराहट, सुस्ती और ऊर्जा में कमी गर्मी के मौसम में आम लक्षण हैं। लेकिन इस मौसम में भी कुछ सावधानियां रख लें तो सुस्ती को दूर भगाया जा सकता है। इसके लिए मौसम के अनुकूल डाइट के साथ ही अपनी फिटनेस दिनचर्या को संतुलित रखना होगा। जानें इस मौसम में कैसा हो खानपान और किस तरह रखें खुद को फिट और स्वस्थ। *डाइट टिप्स* दिन की शुरुआत हलके गुनगुने पानी में नीबू और शहद के साथ करें। सुबह उठने के बाद ग्रीन टी लें। देर तक बिना खाए रहने से शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। थोडी-थोडी देर में खाने से ओवरईटिंग से भी बचा जा सकता है।  *नारियल पानी-* गर्मियों में हमें नारियल पानी पीना चाहिए क्योंकि नारियल पानी में कैल्सियम होता है,जो कि हमारी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है खासकर गर्मियों में *किवी-* वेसे तो गर्मियों के मोसम में सारे फल लाभकारी होते है...

अपनी संस्कृति बचायें

आज की प्रेरक जानकारी🙏🏻✍🏻 अपनी संस्कृति बचायें *ज़मीन पर बैठकर खाना खाने से लाभ उठायें* प्राचीनकाल से चली आ रही ज़मीन में खाने की परंपरा को आज लोग नकारने लगे हैं या यूं कहें कि ज़मीन पर बैठकर भोजन करने में वे अब शर्मिंदगी महसूस करने लगे हैं। कुर्सी टेबल पर बैठकर खाना खाना सभ्य और ज़मीन पर बैठकर खाना खाने की परंपरा को असभ्य मानकर अस्वीकार करने लगे हैं।  जमीन पर बैठ कर खाने से वज़न कम होता है, पाचन क्रिया ठीक रहती है, दिल स्वस्थ रहता और दिमाग़ तनाव रहित रहता है। ज़मीन पर पर बैठकर खाना खाते समय हम लोग सुखासन की स्थिति में होते हैं, यह पद्मासन का ही एक प्रकार है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फ़ायदेमंद है।  db आइए ज़मीन पर बैठकर भोजन करने के फ़ायदों के बारे में जानें। *1. पाचन क्रिया ठीक रहती है* ज़मीन पर बैठकर खाना खाते समय हम लोग सुखासन की मुद्रा में बैठते हैं। इस योग मुद्रा में बैठकर खाना खाने से खाना सही तरह से पच जाता है। ज़मीन पर बैठकर भोजन करते समय निवाला उठाते वक़्त आगे की ओर झुकते हैं और फिर निवाला निगलने के बाद पहले वाली पोजिशन में आना जाते हैं। ऐसा बार-बार करने से पेट की मांशपेशिय...

हो सके तो मुस्कुराहट बांटिये, रिश्तों में कुछ सरसराहट बांटिये !

हो सके तो मुस्कुराहट बांटिये,  रिश्तों में कुछ सरसराहट बांटिये !   नीरस सी हो चली है ज़िन्दगी बहुत, थोड़ी सी इसमें शरारत बांटिये !   जहाँ भी देखो ग़म_पसरा है आँसू हैं,  थोड़ी सी रिश्तों में हरारत बांटिये !   नही पूछता कोई भी ग़म एक_दूजे का,  लोगों में थोड़ी सी ज़ियारत बांटिये !   सब भाग रहे हैं यूँ ही एक-दूजे के पीछे,  अब सुकून की कोई ईबादत बांटिये !   जीने का अंदाज़ न जाने कहाँ खो गया,  नफ़रत छोड़ प्यार_मोहब्बत बांटिये !   ज़िन्दगी न बीत जाये यूँ ही दुख-दर्द में,  बेचैनियों को कुछ तो राहत बांटिये !! राम राम जी 🌷🙏🌷 सुप्रभात

तरबूज के लाभ सभी तक पहुंचायें

तरबूज के लाभ सभी तक पहुंचायें आप स्वस्थ हों देश स्वस्थ हो और साथ ही अपना व देश का करोड़ों रुपये बचायें तरबूज – Water Melon: कई बिमारियों की काट है  तरबूज का परिचय (Introduction of Tarbuj) आप तरबूज (tarbooz in Hindi) जरूर खाते होंगे। जब भी बाजार में तरबूज बिक्री के लिए आता है तो तरबूज के दुकानों पर रोजाना ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। असल में, तरबूज का स्वाद ही इतना मीठा और अच्छा होता है कि सभी लोगों को बहुत पसंद आता है। आप जब भी तरबूज खरीदते हैं तो इसके अंदर का गूदा खा लेते हैं और छिलके या बीजों को फेंक देते हैं। है ना! क्या आपको पता है कि तरबूज का गूदा जितन शरीर के लिए फायदेमंद (tarbooz ke fayde in Hindi) होता है उतना इसकी बीज भी होती है? क्या आप जानते हैं कि तरबूज का सेवन कर कई विकारों में लाभ पाया जा सकता है या तरबजू के इस्तेमाल द्वारा अनेक रोगों की रोकथाम भी की जा सकती है? What is Tarbuj Tarbuh Called in Different Languages Tarbuj Benefits and Uses Watermelon Benefits to Stop Vomiting Tarbuj Fruit Benefits for Relieves Thirst Problem Benefits of Watermelon in Body Weakness Water...