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*हार्मोन्स असंतुलन*

💁🏻‍♂️ *हार्मोन्स असंतुलन*

*क्यों होता है असंतुलन*
- महिलाओं में हॉर्मोंस असंतुलित होने के कई कारण हैं : खराब लाइफस्टाइल, न्यूट्रिशन की कमी, एक्सरसाइज न करना, तनाव, पीसीओडी, थायरॉइड, ओवेरियन फेलियर आदि।
- लोग मानते हैं कि हॉर्मोन असंतुलन मेनोपॉज के बाद होता है, जबकि यह पूरी तरह गलत है। कई महिलाएं सारी उम्र हॉर्मोन असंतुलन से परेशान रहती हैं।
- जीवनशैली और खानपान से जुड़ी आदतों में बदलाव के कारण महिलाएं हॉर्मोन असंतुलन की शिकार पहले की तुलना में अब ज्यादा हो रही हैं।
- जंक फूड और दूसरे खाद्य पदार्थों में कैलरी की मात्रा तो बहुत ज्यादा होती है लेकिन पोषक तत्वों की मात्रा काफी कम होती है। इससे शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और दूसरे पोषक तत्व नहीं मिल पाते।
- कॉफी, चाय, चॉकलेट और सॉफ्ट ड्रिंक आदि के ज्यादा सेवन के कारण भी कई महिलाओं की एड्रिनलीन ग्रंथि ज्यादा सक्रिय हो जाती है, जो हर्मोन के स्राव को प्रभावित करती है। - गर्भनिरोधक गोलियां भी हॉर्मोन के स्राव को प्रभावित करती हैं।

*ये हैं बैलेंस बिगड़ने के लक्षण*
महिलाओं में हर महीने फीमेल हॉर्मोन एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन बनता है।जब इन हॉर्मोंस के संतुलन में गड़बड़ी होती है तो महिलाओं में हेल्थ से जुड़ी बहुत-सी समस्याएं पनपने लगती हैं, जिनके लक्षण हैं :
- पीरियड्स अनियमित होना
- वजन बढ़ना
- इनफर्टिलिटी
- मूड स्विंग होना
- ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की परेशानियां)
-
यूटराइन फायब्रॉइड, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
- स्किन से जुड़ी समस्याएं जैसे कील-मुंहासे आदि
- बालों का गिरना, फेशियल हेयर ग्रोथ
- डिप्रेशन, थकान, चिड़चिड़ापन,कमजोरी होना
- भूख न लगना
- सही से नींद न आना
- ध्यान केंद्रित करने में समस्या
- अचानक वजन बढ़ जाना

*बचाव ही बेहतर हॉर्मोंस को बैलेंस रखने के 3 सबसे आसान उपाय हैं*: वजन कंट्रोल में रखना, तनावरहित रहना और सही डाइट लेना। इसके अलावा भी कुछ जरूरी बातें हैं।
- हल्का भोजन करें, खासकर रात को सोने से पहले।
- ताजा और पौष्टिक भोजन ही खाएं।
- हरी सब्जियों, ताजे फलों और दालों को खाने में जरूर शामिल करें।
- पेट साफ रखें।
- 7-8 घंटे की नींद लें। नींद पूरी या सही से नींद न लेने पर भी बॉडी में हॉर्मोंन असंतुलन की समस्या हो जाती है।
- मन को हल्का रखें। खुश रहें और दिन में तीन से चार बार जोर-जोर से हंसें।
- सुबह या शाम के वक्त 25 से 30 मिनट की वॉक करें। पार्क में कुछ वक्त गुजारें
- चाहे तो पूरे दिन में एक टाइम (सुबह या शाम) वॉक करें और दूसरे वक्त योगासन का पूरा पैकेज करें।
- संतुलित, कम फैट वाले और ज्यादा रेशेदार भोजन का सेवन करें।
- ओमेगा-3 और ओमेगा-6 युक्त भोजन हॉर्मोन संतुलन में सहायक है। यह सूरजमुखी के बीजों, सूखे मेवो में पाया जाता है
- शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- रोज 7-8 घंटे की नींद लें।
- चाय, कॉफी, शराब के सेवन से बचें।
- पीरियड्स से जुड़ी गड़बड़ियों को गंभीरता से लें।
- हॉर्मोंस को संतुलित रखने के लिए विटामिन डी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए थोड़ी देर धूप में जरूर रहें।
*डाइट का रोल* पौष्टिक तत्वों से भरपूर खानपान जहां एक तरफ हॉर्मोंस को संतुलित रखते हैं वहीं, दूसरी ओर रोगों से लड़ने की ताकत को भी बढ़ाते हैं।
क्या खाएं
- ताजे फल, सब्जियां, ड्राईफ्रूट्स (8-10 बादाम और 1-2 अखरोट रात भर पानी में भिगो कर) खाने में शामिल करें।
- अपनी डाइट में ज्यादा-से-ज्यादा ओमेगा 3 फैटी एसिड (ऑलिव ऑयल, फ्लैक्स सीड, नारियल का तेल शामिल करें।
- नींबू, संतरा (विटामिन सी) चने की दाल और राजमा, बाजरा, ज्वार, मक्का, रागी, पालक, सरसों का साग, गुड़ और भुने चने आदि खाने से नेचरल तरीके से हॉर्मोंस को संतुलित रखने में मदद मिलती है।
- केला, नाशपाती और सेब जैसे फलों को डाइट का हिस्सा बनाएं।
-9-10 गिलास पानी पिएं, पानी शरीर में मौजूद टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मदद करता है।
-हर्बल टी लेना अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
- विटामिन डी के लिए टोंड मिल्क, योगर्ट, मशरूम खाएं।
- ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तागोभी और सरसों का साग खूब खाएं। इससे भी हॉर्मोंस संतुलित रहते हैं।

*क्या न खाएं* - ऑइली फूड, जंक फूड, सॉफ्ट ड्रिंक, मैदा, वेजिटेबल ऑयल, सोया प्रॉडक्ट्स, स्टेरॉयड और ज्यदा एंटीबायोटिक लेने से हॉर्मोंस असंतुलित हो जाते हैं।
- ओमेगा 6, पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स जैसे वेजिटेबल ऑयल, मूंगफली का तेल, कनोला ऑयल, सोयाबीन का तेल आदि खाने से बचें।
- ज्यादा चाय, कॉफी, अल्कोहल और चॉकलेट आदि कैफीन मिली हुई चीजें खाने से बचें।
- पनीर, दूध से बनी और फैट वाली चीजें कम लें।
*इलाज से होगी मुश्किल आसान*
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*अलोपथी में इलाज*
*पेशंट की उम्र और उसकी बॉडी में होने वाले हॉर्मोन* *संतुलन, उससे होने वाली बीमारी के लक्षणों को पहचानकर ही दवाइयां दी जाती हैं*।*

मेवों में बहुत सारा प्रोटीन होता है। प्रोटीन डायट पुरुष और महिला दोनों के लिये अच्‍छी होती है, जो हार्मोन की गड़बड़ी से ग्रस्‍थ हैं। हरी साग-सब्‍जी हरी सब्‍जियां और बींस में बहुत सारा कार्बोहाइड्रेट और फाइबर होता है जो हार्मोन असुतुलन को ठीक करने में मददगार होता है। 

हार्मोन्स की समस्या से निपटने के लिए जरुरी है- अच्छी डाइट, एक्सरसाइज, स्ट्रेस फ्री लाइफ स्टाइल, बेहतर नींद और सप्लीमेंटस.

एक अच्छी डाइट के लिए जरुरी है कि डाइट में प्रोटीन को बढ़ाया जाए. साथ ही ऐसा आहार जो आपको स्वस्थ रखने के साथ-साथ आपको फिट भी रखे. इसके लिए आपको दालों, दूध,अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां और फलों को अपने आहार में शामिल करना होगा. 
इसके साथ यह भी ख्याल रखना होगा...
-एक बार में ढेर सी डाइट न ली जाए बल्कि हर दो घंटे के अंतराल में थोड़ा-थोड़ा खाया जाए. ऐसा करना आपके शुगर लेवल को बैलेंस करेगा और साथ ही आपको मोटा होने बचाएगा.
-शाम को हल्का खाना खाएं ताकि आराम से उसे पचाया जा सके. याद रहे कि 8:30 तक खाना खा लिया जाए क्योंकि यही सही समय होगा एक अच्छी नींद लेने का.
-भोजन में हमेशा नेचुरल फूड को शामिल करें. सब्जियों और फाइबर फूड का समावेश रखें.
-मीठे से दूर रहें. आइस क्रीम, केक, शुगर ड्रिंक्स, सफ़ेद पास्ता और चावल से भी दूर रहें क्योकि यह इन्सुलिन को बढ़ाते हैं.
-चाय और कॉफ़ी का सेवन कम करें. दिन में बस एक बार. 
-प्रोटीन को अपने आहार में खास तवज्जो दें. बीन्स, सीड्स, नट्स, टोफू आदि. दूध से बने आहार को कम खाएं. हफ्ते में एक बार. 
*बाहर हो तब क्या खाएं..*.
-सबसे पहले तो ये करें कि बाहर जाने से पहले ही घर से कुछ हेल्थी खा कर जाएं और बाहर खाने से बचें लेकिन फिर भी यदि खाना पड़े तो जंक फूड खाने से बचें. इससे बेहतर की कुछ चटपटा सब्जियों से भरा खाना, सलाद या डार्क चॉकलेट शेक लें.
*सबसे अच्छा क्या हो और क्या नहीं..*.
-सबसे अच्छा है कि अपनी डाइट में दही, दाल, खट्टी चटनियां, सब्जियां, रोटी, हरी सब्जी के साथ बासमती चावल, गाजर से बहरा सलाद,  शामिल करें.
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*जो नहीं होना चाहिए वो है*, पूरी, कचौड़ी, समोसा, और अधिक फैट वाले खाद्य पदार्थ.
सप्लीमेंट्स में अच्छे ब्रांड को प्राथमिकता दें. विटामिन- इ, सी, डी, बी6, फोलिक एसिड, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, ओमेगा-3, एल-ग्लूटामाइन, प्रोबायोटिक्स आदि को शामिल किया जा सकता है.

नारियल तेल एकस्‍ट्रा वर्जिन कोकोनट ऑइल प्राकृतिक रूप से हाइपोथायरायडिज्म को ठीक कर देता है। यह ब्‍लड शुगर लेवल, प्रतिरक्षा को बढाता है और वजन कम करता है। यह दिल के लिये बिल्‍कुल भी हानिकारक नहीं है। आप को हर दिन 2 से 3 चम्‍मच एकस्‍ट्रा वर्जिन कोकोनट ऑइल जरुर खाना चाहिये। 

**मेथी दाना*
माना जाता है कि मेथी एस्ट्रोगेनिक इफ़ेक्ट को बढावा देता है। आयुर्वेदिक डॉक्‍टर्स भी इसे जड़ी बूटी समान मानते हैं।  साथ ही यह लो ब्‍लड शुगर और ग्‍लूकोज मेटाबॉल्‍जिम की खराबी को ठीक करती है, जिससे वजन बढता है। रोजाना एक कप गरम पानी में 1 चम्‍मच मेथी दाने को 15 मिनट तक के लिये भिगो कर फिर छान कर दिन में 3 बार पियें। इसके साथ में आप नींबू या शहद भी मिक्‍स कर सकती हैं। अगर मेथी आपको सूट न करे, तो आप सौंफ का सेवन कर सकती हैं। 

*तुलसी* यह शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को स्थिर रखती है। अगर कोर्टिसोल का लेवल बढ गया तो यह थायराइड ग्रंथी, ओवरी और अग्न्याशय को प्रभावित कर सकता है। साथ ही यह हमारे मूड पर भी गहरा असर डालता है। इसे बैलेंस करने के लिये आपको कुछ महीनों तक दिन में कुछ तुलसी की पत्‍तियां चबानी होंगी। आप चाहें तो तुलसी को गरम पानी में उबाल कर और छान कर 3 कप दिन में पी सकती हैं।

*ये घरेलू उपाय है यदि कुछ समय यूज करने से लाभ नही मीले तो डाक्टर से परामर्श ले क्योंकि अलग-अलग बीमारी के कारण अलग अलग तरह से हार्मोन प्रभावित होते है*

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ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः।
सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु।
मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
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