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मार्च, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 17 चीजें, हो सकते हैं कई नुकसान

भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 17 चीजें, हो सकते हैं कई नुकसान खाने की कई ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें फ्रिज में रखने से उनकी न्यूट्रिशनल वैल्यू पर गलत असर पड़ता है भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 17 चीजें, हो सकते हैं कई नुकसान   db हमारी आदत होती है कि हम कुछ भी सामान लाकर उसे फ्रेश रखने के लिए सीधे फ्रिज में रख देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी ये आदत आप पर ही भारी पड़ सकती है? दरअसल कई ऐसी खाने की चीजें होती हैं जिन्हें फ्रिज में रखने से उनकी न्यूट्रिशनल वैल्यू पर गलत असर पड़ता है और इसी वजह से वह हेल्दी फूड भी आपके लिए नुकसान दायक बन सकता है. यहां उन 17 आइटम की लिस्ट है जिन्हें फ्रिज से दूर रखना चाहिए. इन्हें रूम टेंपरेचर पर रखना ही सही होता है: 1- टमाटर : अगर टमाटर को फ्रिज में रखा जाए तो वह अपना टैंगी फ्लेवर खो देता है. टमाटर को बेस्वाद और उसका टेक्सचर बदलने से बचाने के लिए उसे फ्रिज से दूर ही रखें. 2- केला : केले को पकने के लिए रूम टेंपरेचर की जरूरत होती है. अगर आप केले को कच्चा ही रखना चाहते हैं तो उसे फ्रिज में रख सकते हैं. एक्सपर्ट्स की सलाह होती है कि केले फ्रिज से...

गाय का झूठा गुड़🥀🥀🥀

आज की प्रेरक कहानी✍🏻🙏🏻 गाय का झूठा गुड़🥀🥀🥀 एक शादी के निमंत्रण पर जाना था, पर मैं जाना नहीं चाहता था। एक व्यस्त होने का बहाना और दूसरा गांव की शादी में शामिल होने से बचना, लेक‌िन घर परिवार का दबाव था सो जाना पड़ा। *उस दिन शादी की सुबह में काम से बचने के लिए सैर करने के बहाने दो तीन किलोमीटर दूर जा कर मैं गांव को जाने वाली रोड पर बैठा हुआ था। हल्की हवा और सुबह का सुहाना मौसम बहुत ही अच्छा लग रहा था। पास के खेतों में कुछ गाय चारा खा रही थी कि तभी वहाँ एक लग्जरी गाड़ी आकर रूकी और उसमें से एक वृद्ध उतरे। अमीरी उसके लिबास और व्यक्तित्व दोनों बयां कर रहे थे।* वे एक पॉलीथिन बैग ले कर मुझसे कुछ दूर पर ही एक सीमेंट के चबूतरे पर बैठ गये, पॉलीथिन चबूतरे पर उंडेल दी, उसमे गुड़ भरा हुआ था, अब उन्होने आओ आओ करके पास में ही खड़ी ओर बैठी गायो को बुलाया, सभी गाय पलक झपकते ही उन बुजुर्ग के इर्द गिर्द ठीक ऐसे ही आ गई जैसे कई महीनो बाद बच्चे अपने मांबाप को घेर लेते हैं, कुछ गाय को गुड़ उठाकर खिला रहे थे तो कुछ स्वयम् खा रही थी, वे बड़े प्रेम से उनके सिर पर गले पर हाथ फेर रहे थे। *कुछ ही देर में गाय अधि...

_फालसा_

*_फालसा_* फालसे का विशाल पेड़ होता है। यह बगीचों में पाया जाता है। उत्तर भारत में इसकी उत्पत्ति अधिक होती है। इसका फल पीपल के फल के बराबर होता है। इसको फालसा कहते हैं। यह मीठा होता है। गर्मी के दिनों में इसका शर्बत भी बनाकर पीते हैं। *विभिन्न रोगों में उपयोग :* *1. पित्त विकार और हृदय रोग:* पके फालसे के रस को पानी में मिलाकर, पिसी हुई सोंठ और शक्कर के साथ पिलाना चाहिए। पके फालसे के रस को पानी, सौंफ और चीनी मिलाकर सेवन करने से लाभ मिलता है। *2. लू का लगना:* शहतूत और फालसे का शर्बत पीने से लू से बचा जा सकता है। फालसे के साथ सेंधानमक खाने से लू नहीं लगती है। *3. शीतपित्त:* पित्त-विकार में पके फालसे के रस में पानी, सोंठ और चीनी मिलाकर पीना चाहिए। *4. मूत्ररोग:*  फालसा खाने व शर्बत पीने से भी मूत्र की जलन खत्म होती है। *5. गर्भ में मरे हुए बच्चे को निकालना:* नाभि, बस्ति और योनि पर फालसे की जड़ का लेप करना चाहिए। इससे गर्भ में मरा हुआ बच्चा तुरन्त निकल जाता है। *6. शरीर की जलन:* अगर शरीर में जलन हो तो फालसे के फल या शर्बत को सुबह-शाम सेवन करने से लाभ मिलता है। पके हुए फालसे को शक्कर के साथ...

गाजर (Carrot)

*गाजर (Carrot)* गाजर प्रकृति की बहुत ही कीमती देन है जो शक्ति का भण्डार है। गाजर फल भी है और सब्जी भी तथा इसकी पैदावार पूरे भारतवर्ष में की जाती है। मूली की तरह गाजर भी जमीन के अन्दर पैदा होती है।  गाजर के सेवन से शरीर मुलायम और सुन्दर बना रहता है तथा शरीर में शक्ति का संचार होता है और वजन भी बढ़ता है। बच्चों को गाजर का रस पिलाने से उनके दांत आसानी से निकलते हैं और दूध भी ठीक से पच जाता है। बवासीर, क्षयरोग पित्त आदि में गाजर का सेवन करना बहुत ही उपयोगी है। गाजर का रस दिमाग के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। गाजर के सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है तथा शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है। इसके उपयोग से गुदा की जलन भी दूर हो जाती है।  *विभिन्न  में गाजर का उपयोग :* *1. बांझपन:* बांझ स्त्री को गाजर के बीजों की धूनी इस प्रकार दें कि उसका धुंआ रोगिणी की बच्चेदानी तक चला जाए। जलते हुए कोयले पर गाजर के बीज डालें। इससे धुंआ होने लगेगा। इसी धूनी को रोगिणी को दें तथा रोजाना उसे गाजर का रस पिलायें।  *2. गर्भावस्था:*  गर्भावस्था में गाजर का रस पीते रहने से सैप्टिक रोग नही...

आंवला बेशक छोटा-सा फल है

*आंवला बेशक छोटा-सा फल है, लेकिन गुणों के मामले मेकी कोई तुलना नहीं है। लगभग हर घर में प्रयोग होने वाला यह फल कई मामलों में गुणकारी है। फिर चाहे आप इसे अचार के तौर पर खाएं या इसका जूस पिएं या फिर औषधी के तौर पर प्रयोग करें, हर लिहाज से यह फायदेमंद है। हालांकि कुछ लोग आंवला खाने के फायदे नहीं जानते, लेकिन इस कमी को हम आज पूरा कर देते हैं। आज इस लेख में हम आंवला के फायदे तो आपको बता ही रहे हैं,* *आंवला के अन्य नाम* *आंवले के कई अन्य नाम भी है, अंग्रेजी में आंवला को एम्ब्लिका मायरोबेलन या इंडियन गूजबेरी (Indian gooseberry) कहते हैं, वहीं संस्कृत में इसे अमृता, अमृतफल, आमलकी व पंचरसा कहते हैं। इस छोटे से फल के जितने नाम है, उतने ही इसके फायदे भी हैं।* *आंवला के फायदे अनेक हैं, जिन्हें हम इस लेख में आगे विस्तार से भी बताएंगे।* *वज़न घटाने में सहायक* *हड्डियों के लिए फायदेमंद* *दिल के लिए सुरक्षित* *पाचन शक्ति को बढ़ाता है* *लिवर के लिए फायदेमंद* *डायबिटीज में लाभकारी* *बालों के लिए फायदेमंद* *त्वचा के लिए लाभदायक* *यहां हम आंवला के फायदों को विस्तार से वर्णित कर रहे हैं।* *सेहत के लिए आंवला क...

घर की नीव बहुएं

आज की प्रेरक कहानी और समाज के लिए जरूरी सीख✍🏻🙏🏻 *घर की नीव बहुएं* *दीपा और नीता दोनों जेठानी-देवरानी। दीपा नौकरी करती थी और नीता घर संभालती थी। भरा-पूरा परिवार था, सास-ससुर, दोनों के दो बच्चे कुल १० लोगों का परिवार। कई सालों बाद दोनों की बुआ सास कुछ दिन अपने भाई के पास रहने आई। सुबह उठते ही बुआ जी ने देखा दीपा जल्दी-जल्दी अपने काम निपटा रही थी। नीता ने सब का नाश्ता, टिफिन बनाया जिसे दीपा ने सब को परोसा, टिफिन पैक किया और चली गई ऑफिस। नीता ने फिर दोपहर का खाना बनाया और बैठ गयी थोड़ा सास और बुआ सास के पास।* *बुआ जी से रहा नहीं गया बोली "छोटी बहू तेरी जेठानी तो अच्छा हुकुम चलाती है तुझ पर, सुबह से देख रही हूं रसोई घर में तू लगी है और वो महारानी दिखावा करने के लिए सबको नाश्ता परोस रही थी जैसे उसी ने बनाया हो।"* *नीता और सास ने एक दूसरे को देखा, नीता बोली "नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है बुआ जी।"* *बुआ जी बोली "तू भोली है, पर मैं सब समझती हूं।"* *नीता से अब रहा नहीं गया और बोली "बुआ जी आपको दीपा दीदी का बाकी सबको नाश्ता परोसना दिखा, शायद ये नहीं दिखा कि उन्हो...

आज का प्रेरक विचार✍🏻🙏🏻

आज का प्रेरक विचार✍🏻🙏🏻 खुद को बढ़ती उम्र के साथ स्वीकारना एक तनावमुक्त जीवन देता है।  हर उम्र एक अलग तरह की खूबसूरती लेकर आती है,  उसका आनंद लीजिये🙏 बाल रंगने है तो रंगिये,  वज़न कम रखना है तो रखिये,  मनचाहे कपड़े पहनने है तो पहने, बच्चों की तरह खिलखिलाइये,  अच्छा सोचिये, अच्छा माहौल रखिये,  शीशे में दिखते हुए अपने अस्तित्व को स्वीकारिये।  कोई भी क्रीम आपको गोरा नही बनाती,  कोई शैम्पू बाल झड़ने नही रोकता, कोई तेल बाल नही उगाता,  कोई साबुन आपको बच्चों जैसी स्किन नही देता।  चाहे वो प्रॉक्टर गैम्बल हो या पतंजलि .....सब सामान बेचने के लिए झूठ बोलते हैं। किसी का झूठ आटे में नमक जैसा है तो किसी का उलट। ये सब कुदरती होता है।  उम्र बढ़ने पर त्वचा से लेकर बॉलों तक मे बदलाव आता है।  पुरानी मशीन को Maintain करके बढ़िया चला तो सकते हैं, पर उसे नई नही कर सकते। ना किसी टूथपेस्ट में नमक होता है ना किसी मे नीम।  किसी क्रीम में केसर नही होती, क्योंकि 2 ग्राम केसर भी 500 रुपए से कम की नही होती !  कोई बात नही अगर आपकी नाक मोटी है तो, कोई ...

जोड़ो में चिकनाई बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए?

*जोड़ो में चिकनाई बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए?* उम्र बढ़ने के साथ-साथ घुटनों में ग्रीस की कमी होने लगती है। हड्डियों में अकड़ाहट होना, हड्डियों से कट-कट की आवाज आना यह सभी ग्रीस कम होने के कारण होता हैं । शरीर स्वस्थ होने के लिए हड्डियों का मजबूत होना बहुत जरूरी है।जोड़ों में चिकनाई खत्म होने से उनमें दर्द व सूजन की समस्या होने लगती है। *कारण-जोड़ो में चिकनाई कम होने के बहुत सारे कारण हो सकते हैं।* ● अधिक चिंता करना ●गिरने से चोट लगना ●कब्ज रहना ●रिफाइंड तेल का अधिक सेवन ● कम मात्रा में पानी पीना ●शरीर में कैल्शियम की कमी होना ●खड़े होकर पानी पीना ●फास्ट फूड का अत्यधिक सेवन करना ●पोषण युक्त खाना ना खाना ● ज्यादा दवाओं का सेवन करना ●विटामिन डी की कमी होना जोड़ों की चिकनाई बढ़ाने के लिए नारियल, बादाम, अखरोट, कच्ची हल्दी, आंवला, सहजन की फली, एलोवेरा का सेवन करना चाहिए। अत्यधिक मिर्च-मसाले,अचार,खट्टा, वादी युक्त भोजन से परहेज करना चाहिए। खाने में नमक का प्रयोग कम करना चाहिए। *घरेलू उपचार-* अत्याधिक मात्रा में पानी का सेवन करें। अत्याधिक मात्रा में पानी का सेवन करें। नियमित रूप से कच्चे लहसु...

मनुष्य के जीवन में महत्वपूर्ण चिकित्सा संख्या

*प्रत्येक  👩‍🦰👨‍🦰  मनुष्य के जीवन में महत्वपूर्ण चिकित्सा संख्या :* 1. रक्तचाप: 120 / 80 2. नाड़ी: 70 - 100 3. तापमान: 36.8 - 37 4. श्वसन: 12-16 5. हीमोग्लोबिन: पुरुषों (13.50-18 ) महिलाएं ( 11.50 - 16 ) 6. कोलेस्ट्रॉल: 130 - 200 7. पोटेशियम: 3.50 - 5 8. सोडियम: 135 - 145 9. ट्राइग्लिसराइड्स: 220 10. शरीर में खून की मात्रा: 5-6 लीटर 11. चीनी: बच्चों के लिए (70-130) वयस्क: 70 - 115 12. लोहा: 8-15 मिलीग्राम 13. सफेद रक्त कोशिकाएं: 4000 - 11000 14. प्लेटलेट्स: 150, 000 - 400 ,000 15. लाल रक्त कोशिकाएं: 4.50 - 6 लाख.. 16. कैल्शियम: 8.6 - 10.3 मिलीग्राम / डीएल 17. विटामिन डी3: 20-50 नग / मिलीलीटर (नैनोग्राम प्रति मिलिलिटर) 18. विटामिन B12: 200-900 पीजी / मिलीलीटर *उन लोगों के लिए टिप्स जो पहुंच चुके हैं:- 40, 50, 60 और अधिक।* *भगवान आपको क्रियाशीलता, स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती प्रदान करें..* ▪ *पहली टिप:* आपको हर साल कपिंग करनी पड़ती है, भले ही आपको बीमार महसूस न हो या कोई बीमारी न हो। ( *कपिंग* क्या है? कपिंग एक प्राचीन चिकित्सा चिकित्सा है जिसका उपयो...

दूध पीने के बाद क्या नहीं खाना चाहिए?

*दूध पीने के बाद क्या नहीं खाना चाहिए?* दूध पीने के बाद न खाएं ये चीजें ⬇️⬇️⬇️⬇️ दूध पीने के अनगिनत फायदे हैं लेकिन दूध पीने के बाद कुछ चीजों के सेवन से आपको नुकसान हो भी सकता है। बेशक दूध में सभी आवश्यक पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी-2, बी-12, एवं डी होते हैं!! *1) दूध पीने के बाद ना खाएं दाल* अधिकतर घरों में रात के समय दाल बनती है और रात को सोने से पहले ही कई लोग दूध का भी सेवन करते हैं। आपको भूलकर भी दूध पीने के बाद दाल का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे आपको हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। दूध और दाल के सेवन के बीच कम से कम दो घंटे का अंतराल रखें। *2) दूध पीने के बाद मूली* दूध पीने के बाद आपको मूली और अन्य नमकीन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा मूली से बनी कोई अन्य डिश भी खाने से बचना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से आपकी तबीयत खराब हो सकती है और आपको त्वचा रोगों का खतरा हो सकता है। इसलिए मूली खाने के कम से कम दो घंटे बाद ही दूध पियें। *3) दूध के बाद मछली* मछली खाने के बाद कभी भी दूध या इससे बनी किसी चीज का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे स्किन पर सफेद दाग हो जाते हैं।...

बबूल घुटनों के दर्द की रामबाण औषधि

*बबूल घुटनों के दर्द की रामबाण औषधि* आज हम आपको बबूल की फली अर्थात उसके फल के बारे में बताएंगे। वैसे तो बबूल का हर भाग पत्तीयाँ, फूल, छाल और फली सभी औषधि है।  यह कांटेदार पेड़ होता है। सम्पूर्ण भारत वर्ष में बबूल के लगाये हुए तथा जंगली पेड़ मिलते हैं। बबूल के पेड़ बड़े व घने होते हैं। ये कांटेदार होते हैं। गर्मी के मौसम में इस पर पीले रंग के फूल गोलाकार गुच्छों में लगते है तथा सर्दी के मौसम में फलियां लगती हैं। इसकी लकड़ी बहुत मजबूत होती है। बबूल के पेड़ पानी के निकट तथा काली मिट्टी में अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। इनमें सफेद कांटे होते हैं जिनकी लम्बाई 1 सेमी से 3 सेमी तक होती है। इसके कांटे जोड़े के रूप में होते हैं। इसके पत्ते आंवले के पत्ते की अपेक्षा अधिक छोटे और घने होते हैं। बबूल के तने मोटे होते हैं और छाल खुरदरी होती है। इसके फूल गोल, पीले और कम सुगंध वाले होते हैं तथा फलियां सफेद रंग की 7-8 इंच लम्बी होती हैं। इसके बीज गोल धूसर वर्ण (धूल के रंग का) तथा इनकी आकृति चपटी होती है। *विभिन्न भाषाओं में बबूल का नाम :* संस्कृत में बबूल, बर्बर, दीर्घकंटका, हिन्दी में बबूर, बबूल, कीकर, ...

प्याज शरीर के लिए अमृत भी है

*_प्याज शरीर के लिए अमृत भी है तो विष भी, जानिए प्याज की स्वाभाविक विशेषताएं_* प्याज धरती का एक कंद है जो अपनी तामसी गुणों के कारण एक विशेष गंध फैलाता है। प्याज लू, तापाघात सहित अनेकों बीमारियों की रामबाण औषधि भी है । पर प्याज के सेवन के पूर्व जान ले की आप द्वारा सेवन किया जा रहा प्याज वाकई आपके शरीर में लाभ पहुंचा रहा है या हानि। *ताज़ा कटा प्याज ही खाए* प्याज हमेशा तुरंत काट कर खाएं. मानो या ना मानो यह पूर्णतया सत्य है.देर से कटी प्याज का कभी उपयोग ना करें. कटी रखी प्याज दस मिनिट में अपने आस पास के सारे कीटाणु अवशोसित कर लेती है. यह वेज्ञानिक तौर पर सिद्ध हो चुका है. जब भी किसी मौसमी बीमारी का प्रकोप फैले घर में सुबह शाम हर कमरें में प्याज काट कर रख दें बाद में उसे फैंक दें सुरक्षित बने रहेंगें. *प्याज के संबध में महत्वपूर्ण जानकारी.* सन 1919 में फ्लू से चार करोड़ लोग मारे जा चुके थे, तब एक डॉक्टर कई किसानों से उनके घर इस प्रत्याशा में मिला कि वो कैसे इन किसानों को इस महामारी से लड़ने में सहायता कर सकता है. बहुत सारे किसान इस फ्लू से ग्रसित थे और उनमें से बहुत से मारे जा चुके थे. डॉक्ट...

दूध ना पचे तो

👉🏻दूध ना पचे तो ~ सोंफ , 👉🏻दही ना पचे तो ~ सोंठ, 👉🏻छाछ ना पचे तो ~जीरा व काली मिर्च 👉🏻अरबी व मूली ना पचे तो ~ अजवायन 👉🏻कड़ी ना पचे तो ~ कड़ी पत्ता, 👉🏻तैल, घी, ना पचे तो ~  कलौंजी...  👉🏻पनीर ना पचे तो ~ भुना जीरा, 👉🏻भोजन ना पचे तो ~ गर्म जल 👉🏻केला ना पचे तो  ~ इलायची              👉🏻ख़रबूज़ा ना पचे तो ~ मिश्री का उपयोग करें... 1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है। 2. लकवा - सोडियम की कमी के कारण होता है । 3. हाई वी पी में -  स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे । 4. लो बी पी - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें । 5. कूबड़ निकलना- फास्फोरस की कमी । 6. कफ - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है । गुड व शहद खाएं  7. दमा, अस्थमा - सल्फर की कमी । 8. सिजेरियन आपरेशन - आयरन , कैल्शियम की कमी । 9. सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें । 10. अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें । 11. जम्भाई- शरीर में आक्सीजन...

खेसारी दाल के लाभ

खेसारी दाल के लाभ सभी तक पहुंचायें आप स्वस्थ हों देश स्वस्थ हो और साथ ही अपना व देश का करोड़ों रुपये बचायें खेसारी दाल , Khesari:  के फायदे, लाभ, उपयोग 1 खेसारी दाल का परिचय (Introduction of Khesari Dal) 1.1 खेसारी दाल क्या होता है? (What is Khesari Dal in Hindi) 1.2 अन्य भाषाओं में खेसारी  के नाम (Name of Khesari Dal Plant in Different Languages) 1.3 खेसारी दाल के फायदे (Khesari Dal Uses and Benefits in Hindi) 1.4 आँखों के बीमारी में फायदेमंद खेसारी दाल (Khesari Dal Benefits in Eye Disease in Hindi) 1.5 आँख के दर्द से दिलाये राहत खेसारी दाल (Benefit of Khesari Dal to Get Relief from Eye burn in Hindi) 1.6 पेप्टिक अल्सर में फायदेमंद खेसारी दाल (Khesari Dal Benefits in Peptic Ulcer in Hindi) 1.7 गांठ से छुटकारा दिलाये खेसारी दाल (Khesari Dal Heals Nodules in Hindi) 1.8 रूखी त्वचा में फायदेमंद खेसारी दाल (Khesari Dal Beneficial in Dry skin) 1.9 खेसारी दाल का उपयोगी भाग (Useful Parts of Khesari Dal) 1.10 खेसारी दाल का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए? (How to Use Khesari Dal in Hindi) 1.1...