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आंवला बेशक छोटा-सा फल है

*आंवला बेशक छोटा-सा फल है, लेकिन गुणों के मामले मेकी कोई तुलना नहीं है। लगभग हर घर में प्रयोग होने वाला यह फल कई मामलों में गुणकारी है। फिर चाहे आप इसे अचार के तौर पर खाएं या इसका जूस पिएं या फिर औषधी के तौर पर प्रयोग करें, हर लिहाज से यह फायदेमंद है। हालांकि कुछ लोग आंवला खाने के फायदे नहीं जानते, लेकिन इस कमी को हम आज पूरा कर देते हैं। आज इस लेख में हम आंवला के फायदे तो आपको बता ही रहे हैं,*

*आंवला के अन्य नाम*

*आंवले के कई अन्य नाम भी है, अंग्रेजी में आंवला को एम्ब्लिका मायरोबेलन या इंडियन गूजबेरी (Indian gooseberry) कहते हैं, वहीं संस्कृत में इसे अमृता, अमृतफल, आमलकी व पंचरसा कहते हैं। इस छोटे से फल के जितने नाम है, उतने ही इसके फायदे भी हैं।*

*आंवला के फायदे अनेक हैं, जिन्हें हम इस लेख में आगे विस्तार से भी बताएंगे।*

*वज़न घटाने में सहायक*
*हड्डियों के लिए फायदेमंद*
*दिल के लिए सुरक्षित*
*पाचन शक्ति को बढ़ाता है*
*लिवर के लिए फायदेमंद*
*डायबिटीज में लाभकारी*
*बालों के लिए फायदेमंद*
*त्वचा के लिए लाभदायक*

*यहां हम आंवला के फायदों को विस्तार से वर्णित कर रहे हैं।*

*सेहत के लिए आंवला के फायदे*

*गले में खराश के लिए आंवला*

*बदलते मौसम के साथ बीमारियां लगी रहती है, कभी बुखार तो कभी सर्दी-खांसी और गले में खराश। अगर आप भी गले में खराश से परेशान हैं, तो आंवला एक कारगर घरेलू उपाय साबित हो सकता है। आप आंवले के रस का काढ़ा बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं। आंवले की तरह ही आंवला रस के फायदे भी होते हैं। आंवला में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं ,जो बुखार या गले की खराश में मददगार साबित हो सकते हैं।* 

           *सामग्री*

*एक कप आंवला का रस*
*बारीक़ कटा हुआ अदरक*
*एक चम्मच शहद या शुद्ध पुराना गुड*

          *बनाने की विधि*

*आंवले के जूस में बारीक़ कटा हुआ अदरक और एक चम्मच शहद या शुद्ध पुराना गुड मिला लें।फिर इसे सिरप की तरह पिएं।*

*दिल के लिए आंवला*

 *आजकल की असंंतुलित जीवनशैली के कारण लोगोंं का वज़न बढ़ने लगा है, जिससे हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियां हो रही हैं। ऐसे में अगर आंवला का सेवन करने से शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियां होने का खतरा कम होता है। वहीं, यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इसके सेवन से एथेरोस्क्लेरोसिस और कोरोनरी आर्टरी बीमारी (atherosclerosis and coronary artery disease) जैसी दिल की बीमारियों का खतरा भी कम होता है।*

*डायबिटीज में आंवले का सेवन*
 
*एक वक़्त था जब डायबिटीज एक उम्र के बाद होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। आजकल के असंतुलित जीवनशैली के कारण डायबिटीज किसी को भी हो सकती है। ऐसे में ज़रूरी है कि आप वक़्त रहते इस पर ध्यान दें। अगर किसी को डायबिटीज है, तो वो आंवला का सेवन कर सकते हैं। आंवले में एंटी-डायबिटिक गुण हैं , जो डायबिटीज के खतरे को कम करते हैं। इसके अलावा, डायबिटीज के मरीज़ आंवले का सेवन करते हैं, तो उनका ब्लड ग्लूकोज़ लेवल कम हो सकता है । यह डायबिटीज के मरीज़ों में कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कम कर सकता है ।*

                *सामग्री*

*दो चम्मच आंवला का जूस*
*चुटकी भर हल्दी*

*बनाने की विधि*

*आंवला और हल्दी को मिलाकर मिश्रण बना लेंफिर सुबह-सुबह इस मिश्रण का सेवन करें। इससे आपका ब्लड शुगर लेवल संतुलित हो सकता है।*

*बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोकता है*

*आंवले में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से कुछ हद तक रोक सकते हैं। यह मुक्त मूलकों के प्रभाव को नियंत्रित कर, बढ़ते उम्र के प्रभाव को कम कर सकता है। अगर आंवला और हल्दी का सेवन एकसाथ किया जाए, तो बढ़ती उम्र का प्रभाव कम होता है, क्योंकि इन दोनों में ही कई औषधीय गुण होते हैं ।*

*बार-बार पेशाब लगने की गतिविधि बढ़ जाती है*

*सही आहार न लेने से या सही जीवनशैली न होने के कारण शरीर में विषैले पदार्थ जमने लगते हैं, जिनका बाहर निकलना ज़रूरी होता है। इसके लिए आपके शरीर को डिटॉक्सीफाई करने की ज़रूरत होती है। आंवले में डायूरेटिक (diuretic) गुण होते हैं , इसलिए इसका सेवन करने से आपको बार-बार पेशाब जाने की ज़रूरत महसूस हो सकती है। इसके सेवन से आपका शरीर डिटॉक्सीफाई होता है और आपके शरीर के विषैले पदार्थ मूत्र के ज़रिए बाहर निकल जाते हैं।*

*पाचन शक्ति के लिए आंवला*

*व्यस्तता भरी ज़िंदगी के कारण लोग अपने खाने-पीने पर ध्यान नहीं देते, जिस कारण पाचन तंंत्र खराब हो जाता है। कभी-कभी तो पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां भी होने लगती है। ऐसे में कुछ लोग दवाइयों के आदि हो जाते हैं, जिसके साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं। इन सब समस्याओं का आंवला ही एकमात्र उपचार है। आंवले में फाइबर होता है  और इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पाचन क्रिया के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। आंवले से अल्सर, गैस्ट्रिक और पाचन क्रिया भी संबंधित समस्याएं काफ़ी हद तक कम हो सकती हैं ।*

*आंवला रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है*

*कुछ लोगों की रोग प्रतिरोधक शक्ति कमज़ोर होती है, इसलिए बदलते मौसम के साथ ही उन्हें सर्दी-खांसी व बुखार हो जाता है। ऐसे में अगर आंवला का सेवन किया जाए, तो रोग प्रतिरोधक क्षमता में काफ़ी हद तक सुधार होता है । आंवला में मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और कई अन्य गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। इसमें मौजूद विटामिन-सी शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकता है।*

*हड्डियों को मज़बूत बनाता है आंवला*

*बढ़ती उम्र के साथ-साथ हमारी हड्डियां कमज़ोर होने लगती हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि वक़्त रहते इस पर ध्यान दिया जाए, नहीं तो आगे चलकर आर्थराइटिस जैसी गंभीर समस्या हो सकती है। कई बार ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी से हड्डियों से जुड़ी परेशानियां होने लगती है। ऐसे में दवाइयों के आदि बनने से पहले घरेलू उपायों को आजमाया जाए और सबसे आसान घरेलू उपाय है आंवला। आंवले में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद हैं। इसके अलावा, इसमें विटामिन-सी भी होता है , जो आपकी हड्डियों की परेशानी को दूर कर सकता है। कोशिश करें कि हर रोज़ आंवले का रस या थोड़ा आंवला अपने आहार में शामिल करें। इससे हड्डियां मज़बूत होगी और हड्डियों की बीमारी का ख़तरा कम हो सकता है।*

*आंवले से बढ़ती है आंखों की रोशनी*

*हम ज्यादा वक्त कंप्यूटर, टीवी व मोबाइल के आगे बिताते हैं, नतीजन हमारी नजर कमजोर होने लगती है। इसके अलावा, कई बार धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कारण आंखों में संक्रमण, पानी आने, जलन की समस्या और अन्य कई परेशानी होने लगती है, जिसका वक़्त रहते इलाज ज़रूरी होता है। ऐसे में अगर आंवले को हर रोज़ अपने आहार में शामिल किया जाए, तो न सिर्फ आंखों की रोशनी तेज़ होगी, बल्कि आंखों में संक्रमण होने का खतरा भी कम होगा। आप आंवले के रस को शहद के साथ पी सकते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व आपकी आंखों की रोशनी में सुधार कर सकते हैं ।*

*आंवले से पथरी की समस्या दूर होती है*

 *गुर्दे में पथरी की परेशानी बहुत ही पीड़ादायक होती है और अगर वक़्त रहते इसका इलाज न किया जाए, तो इससे मरीज की जान को खतरा भी हो सकता है। पथरी की परेशानी के लिए दवाइयां तो ज़रूरी होती ही हैं, लेकिन इसी के साथ आंवले के रस का सेवन करने से भी आराम मिल सकताा है । कई बार डॉक्टर भी आंवले का जूस पीने की सलाह देते हैं।*

*आंवला मोटापे को कम करता है*

*जब मोटापा बढ़ता है, तो शरीर में बीमारियां भी बढ़ती है। ऐसे में ज़रूरी है कि वज़न संतुलित रहे। इसके लिए व्यायाम तो ज़रूरी है ही साथ ही सही खान-पान भी आवश्यक है। अगर आप हर रोज़ आंवला या आंवले के जूस का सेवन करेंगे, तो मोटापे की समस्या से काफ़ी हद तक छुटकारा मिल सकता है। आंवला पोषक तत्वों का भण्डार है और यह एंटी-ओबेसिटी भी है । इसके अलावा, यह मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाता है, जो वज़न कम करने में मददगार साबित हो सकता है। इसका सेवन करने से पेट काफ़ी देर तक भरा-भरा लगता है, जिस कारण ज़्यादा कुछ खाने की इच्छा नहीं होती और वज़न बढ़ने का खतरा भी कम रहता है।*

*आंवला एंटी-इंफ्लेमेटरी होता है*
 
*आंवले में कई पोषक तत्व और गुण होते हैं और उन्हीं गुणों में से एक है एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण । इसके कारण पेट में किसी भी प्रकार की समस्या, सूजन या अन्य तकलीफ से काफ़ी हद तक राहत मिल सकती है।*

*मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है*

 *आंवले में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है, जो मेटाबॉलिज्म की गतिविधि को बढ़ाता है। यह मेटाबॉलिज्म ही होता है, जिसके धीमे पड़ जाने से वज़न बढ़ने लगता है। वहीं, आंवले के सेवन से मेटाबॉलिज्म की गतिविधि में बढ़ोतरी होती है और यह आपके वज़न को संतुलित रख सकता है । खासकर डायबिटीज में यह ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है और मेटाबॉलिज्म में सुधार लाता है ।*

*खून को साफ़ करता है आंवला*
 
*खून में अशुद्धियां होने के कारण कई बार इसका असर आपके शरीर और त्वचा पर दिखने लगता है जैसे – पिंपल निकलना, चेहरे पर दाग-धब्बे होना, थकान होना, कमज़ोरी होना व पेट की समस्या होना। ऐसे में ज़रूरी है कि आप सही खान-पान अपनाएं। आप खून की अशुद्धियां साफ करने के लिए रोज अपने आहार में आंवला या आंवले का रस शामिल कर सकते हैं। आंवले में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एन्टीइंफ्लेमेटरी गुणों के अलावा और कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं , जो आपके खून की अशुद्धियों को दूर करने में मददगार साबित हो सकते हैं।*

*लिवर के लिए आंवले का सेवन*
 
*गलत खान-पान के कारण लिवर से जुड़ी कई बीमारियां हो जाती हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि आप हर रोज़ कुछ स्वस्थ चीज़ अपने आहार में शामिल करें और इन स्वस्थ चीज़ों में से एक है आंवला। अगर आप आंवला या आंवले के जूस का सेवन करते हैं, तो आपकी पेट, पाचन शक्ति और लिवर संबंधी समस्याएं बहुत हद तक कम हो सकती है। आंवले के सेवन से गैस, पीलिया या दस्त जैसी समस्याओं को कम किया जा सकता है ।*

*कैंसर से बचाव करता है आंवला*
 
*कैंसर भी आजकल सामान्य बीमारी बनती जा रही है। किसे, कब कैंसर हो जाए, कह नहीं सकते। ऐसे में ज़रूरी है कि आप अपने खान-पान का खास ध्यान रखें। आप आंवले को अपने आहार में शामिल करें, इससे कैंसर का खतरा कुछ हद तक कम हो सकता है। आंवले में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-कैंसर गुण मौजूद होते हैं। आप रोज़ आंवले का अंचार या ऐसे ही आंवले का सेवन कर सकते हैं । आंवला जूस के फायदे भी हैं, इसलिए आप इसका सेवन भी एक सीमित मात्रा में कर सकते है*

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आप सभी का दिन शुभ रहे। 🙏🏻🙏🏻

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