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*सौंफ (लैक्टोबैसिलस)*

आज की भारतीय ज्ञानवर्धक जानकारी✍🏻🙏🏻

*सौंफ (लैक्टोबैसिलस)*

*दो दिन पहले वैज्ञानिकों के एक ग्रुप के साथ बैठा था। कुछ ज्ञान-विज्ञान और खाने के बाद स्वीट्स का दौर चल रहा था। यूं ही बात करते करते किसी ने बात छेड़ दी, विदेश में भोजन की। एक नौजवान ने अपना अनुभव बताया कि किस प्रकार उसके दोस्त को कोरिया में कुछ भी खाने को नहीं मिला तो उसको एक इंडियन मित्र ने थोड़ा सा दही का कल्चर दिया कि जा दही जमा ले। मतलब वहां दही भी नहीं मिलता। खैर अपन को इहां तक तो वार्ता में कोई इंटरेस्ट नहीं आ रहा था और हम चुपचाप अपना भोजन कर रहे थे।*

*वहीं एक बैक्टेरियोलॉजिस्ट भी बैठा था। इसी बात पर उसने यूँ ही कमेंट कर दिया कि हाँ जब पहली बार कभी दही का कल्चर बनाया गया तो सौंफ से बनाया था।* 

*हमारे कान खड़े हो गए। सौंफ? सौंफ से? वही सौंफ जो हम हजारों सालों से खाने के बाद यूं ही चबा लेते हैं या पान में डाल कर खाते आए हैं सदियों से।*

*हमने पूछा सौंफ से दही का कल्चर? वो कैसे?* 

*तो वैज्ञानिक महोदय ने बड़े कूल कूल बताया कि हां, सौंफ के सर्फेस पर बहुत सारा "लैक्टोबैसिलस" होता है ना।* 

*वो कहां से आता है सौंफ पर? हमने पूछा ।*

*वो बोले बस होता है प्राकृतिक। सौंफ के सर्फेस पर खुद की प्रकृति में होता है। वो ठहरे अपने क्षेत्र के बड़े वैज्ञानिक। उनकी बात पर शक का तो सवाल ही नहीं।* 

*लैक्टोबैसिलस एक बहुत ही स्ट्रांग प्रोबायोटिक्स होता है। पेट में स्वास्थ्यवर्धक जीवाणुओं का बैलेंस बनाये रखने के लिए इस बैक्टीरिया का आंत में होना बहुत जरूरी है।* 

*यह नहीं होगा तो हजार बीमारियां आती हैं। डायबिटीज़ से लेकर थायराइड, अल्सर, कैंसर न जाने क्या क्या।* 

*Sporlac नाम की एलोपैथिक गोलियां तो लंबी बीमारी से उठने के बाद सिर्फ इसलिए दी जाती हैं ताकि शरीर में लैक्टोबैसिलस की जनसंख्या पुनः बढ़ जाए।* *इम्युनिटी और ताकत आ जाये। पर आजकल डॉक्टर लोग भी चलता काम करते हैं, sporlac नहीं देते किसी को भी। उनको किसी की इम्युनिटी से क्या मतलब।* 

*अब आते हैं सौंफ पर।* 

*हजारों साल पहले से भोजन के तुरंत बाद हम जो सौंफ खाते थे न, वो सौंफ नहीं अपने स्वास्थ्य की गारंटी पर दस्तखत करते थे। सौंफ के साथ लाखों लैक्टोबैसिलस पेट में नियमित रूप से चले जाते थे।* 

*यह था, उस प्रथा का वैज्ञानिक कारण ।* 

*अब तो हम इस प्रथा को लगभग भूल ही गए।* 

*तो कल से खाने के बाद सौंफ फिर शुरू, ओके और हां... भुनी हुई नहीं। धुली हुई भी नहीं। फैंसी सुगर कोटेड तो कतई नहीं। बिल्कुल ताजी सौंफ हरी हरी।*

और 
*देखिए, मुझे उड़ते उड़ते भी कोई वैज्ञानिक तथ्य सुनाई देता है, तो मैं उसमें सनातन खोजता हूं।* 

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आप सभी का दिन शुभ रहे। 🙏🏻🙏🏻

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