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काला नमक Black Salt

*" _काला नमक Black Salt_ "* कैसे बनता है ? भारतीय व्यंजन को अत्यन्त लाभकारी एवं पोषक बनानें में इसका उपयोग क्यों ..?? *काला नमक और स्वास्थ्य :-* काला नमक कई आयुर्वेदिक और चिकित्सीय गुणों से समृद्ध होता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी ही नहीं वरन् आवश्यक है। इसमें आयरन की अच्छी मात्रा होनें से , सीने में जलन, सूजन और पेट फूलने की समस्या से छुटकारा तो मिलता ही है। यह उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए भी बहुत गुणी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें सोडियम की कम मात्रा होती है। जिससे रक्तचाप बढ़ने का जोखिम कम हो सकता है। इसके अलावा, काला नमक युक्त आहार के नियमित रूप से सेवन करने पर आंखों की रोशनी में सुधार, पाचन में मदद और आंत को स्वस्थ रखा जा सकता है। इस लिए, ब्लैक साल्ट को सेहत के लिए अच्छा माना जा सकता है। 🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸 ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु। मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ 🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸

जोड़ों और मांसपेशियों का बढ़ता दर्द

जोड़ों और मांसपेशियों का बढ़ता दर्द एक अध्ययन के मुताबिक 1999-2010 के बीच मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द से जुड़ी बीमारियों में 45 फीसदी का इजाफा हुआ है। शोध बताते हैं कि भविष्य में मानसिक रोगों के बाद मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द की बीमारी दूसरी सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या होगी।  समय पर सही जांच व उपचार के बारे में बता रही हैं एम्स के डिपार्टमेंट ऑफ रूमैटॉलजी में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर उमा कुमार देश में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां मधुमेह, रक्तचाप, दिल के रोग आदि बढ़ रहे हैं, लेकिन एक और बीमारी है, जो तेजी से अपने पैर पसार रही है। खेद की बात यह है कि इसकी ओर नीति-निर्माताओं का ध्यान भी कम है। यह रोग है मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द से जुड़ा गठिया या आर्थ्राइटिस। इसमें मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, सूजन, लालिमा पैदा होती है। इसके रोगी को उठने-बैठने, चलने-फिरने, झुकने या किसी खास किस्म का कार्य करने में तकलीफ होती है। इसे रूमैटिज्म या गठिया कहते हैं। गठिया की बीमारी करीब दो सौ किस्म की होती है। कई बार कई किस्म के बुखार या कभी-कभी मांसपेशियों के दबने या उन पर दबाव पड़ने की वजह ...

*" _काला नमक Black Salt_ "*

*" _काला नमक Black Salt_ "* कैसे बनता है ? भारतीय व्यंजन को अत्यन्त लाभकारी एवं पोषक बनानें में इसका उपयोग क्यों ..?? *काला नमक और स्वास्थ्य :-* काला नमक कई आयुर्वेदिक और चिकित्सीय गुणों से समृद्ध होता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी ही नहीं वरन् आवश्यक है। इसमें आयरन की अच्छी मात्रा होनें से , सीने में जलन, सूजन और पेट फूलने की समस्या से छुटकारा तो मिलता ही है। यह उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए भी बहुत गुणी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें सोडियम की कम मात्रा होती है। जिससे रक्तचाप बढ़ने का जोखिम कम हो सकता है। इसके अलावा, काला नमक युक्त आहार के नियमित रूप से सेवन करने पर आंखों की रोशनी में सुधार, पाचन में मदद और आंत को स्वस्थ रखा जा सकता है। इस लिए, ब्लैक साल्ट को सेहत के लिए अच्छा माना जा सकता है। 🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸 ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु। मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ 🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸

*सौंफ (लैक्टोबैसिलस)*

आज की भारतीय ज्ञानवर्धक जानकारी✍🏻🙏🏻 *सौंफ (लैक्टोबैसिलस)* *दो दिन पहले वैज्ञानिकों के एक ग्रुप के साथ बैठा था। कुछ ज्ञान-विज्ञान और खाने के बाद स्वीट्स का दौर चल रहा था। यूं ही बात करते करते किसी ने बात छेड़ दी, विदेश में भोजन की। एक नौजवान ने अपना अनुभव बताया कि किस प्रकार उसके दोस्त को कोरिया में कुछ भी खाने को नहीं मिला तो उसको एक इंडियन मित्र ने थोड़ा सा दही का कल्चर दिया कि जा दही जमा ले। मतलब वहां दही भी नहीं मिलता। खैर अपन को इहां तक तो वार्ता में कोई इंटरेस्ट नहीं आ रहा था और हम चुपचाप अपना भोजन कर रहे थे।* *वहीं एक बैक्टेरियोलॉजिस्ट भी बैठा था। इसी बात पर उसने यूँ ही कमेंट कर दिया कि हाँ जब पहली बार कभी दही का कल्चर बनाया गया तो सौंफ से बनाया था।*  *हमारे कान खड़े हो गए। सौंफ? सौंफ से? वही सौंफ जो हम हजारों सालों से खाने के बाद यूं ही चबा लेते हैं या पान में डाल कर खाते आए हैं सदियों से।* *हमने पूछा सौंफ से दही का कल्चर? वो कैसे?*  *तो वैज्ञानिक महोदय ने बड़े कूल कूल बताया कि हां, सौंफ के सर्फेस पर बहुत सारा "लैक्टोबैसिलस" होता है ना।*  *वो कहां से आता है सौंफ पर...

*अपने घुटने कभी मत बदलिये*

🔴 *अपने घुटने कभी मत बदलिये*  🔴50 साल के बाद धीरे-धीरे शरीर के जोडों मे से लुब्रीकेन्ट्स एवं केल्शियम बनना कम हो जाता है।  🔴जिसके कारण जोडों का दर्द ,गैप, केल्शियम की कमी, वगैरा प्रोब्लेम्स सामने आते है,  🔴जिसके चलते आधुनिक चिकित्सा आपको जोइन्ट्स रिप्लेस करने की सलाह देते है,  🔴तो कई आर्थिक रुप से सधन लोग यह मानते है की हमारे पास तो बहुत पैसे है  🔴तो घुटनां चेंज करवा लेते है। 🔴 किंतु क्या आपको पता है जो चीज कुदरत ने हमे दी है,  🔴वो आधुनिक विज्ञान या तो कोई भी साइंस नही बनां सकती।  🔴आप कृत्रिम जॉइन्ट फिट करवा कर थोडे समय २-४ साल तक ठीक हो सकते है।  🔴लेकिन बाद मे आपको बहुत ही तकलीफ होगी।  🔴जॉइन्ट रिप्लेसमेंट का सटीक इलाज आज मे आपको बता रहा हूँ । 🔴वो आप नोट कर लीजिये और हां ऐसे हजारो जरुरतमंद लोगो तक पहुचाये जो रिप्लेसमेंट के लाखो रुपये खर्च करने मे असमर्थ है।   🔴 *बबूल* नामके वृक्ष को आपने जरुर देखा होगा।  🔴यह भारतमे हर जगह बिना लगाये ही अपने आप खडा़ हो जाता है,  🔴अगर यह बबूल नामका वृक्ष अमेरिका या तो विदेशाें...

*नपुंसकता तन से नहीं मन से उपजा रोग*

*नपुंसकता तन से नहीं मन से उपजा रोग* *नपुंसकता आज की भागती दौड़ती जिंदगी, बढ़ते तनाव, आधुनिक जीवनशैली से जुड़ा रोग है या फिर मन का रोग. इस रोग के विभिन्न पहलुओं पर पढ़िए जानकारीपरक लेख.* चिकित्सा की भाषा में नपुंसकता यानी इंपोटैंस उस स्थिति को कहते हैं जिस में व्यक्ति मानसिक या शारीरिक रूप से यौन क्रिया का आनंद नहीं ले पाता है. जरूरी नहीं कि यह बीमारी अधिक उम्र के पुरुष में ही हो, बल्कि कुछ नौजवान भी इस के शिकार हो जाते हैं. यह बीमारी प्रजननहीनता यानी इंफर्टिलिटी से अलग है जिस में व्यक्ति के वीर्य में या तो शुक्राणु नहीं होते या बहुत ही कम मात्रा में होते हैं जिस के कारण वह व्यक्ति यौन क्रिया तो सफलतापूर्वक कर लेता है लेकिन संतान उत्पन्न करने में असमर्थ होता है. दरअसल, इस के पीछे शारीरिक व मानसिक दोनों कारण होते हैं. नए शोधों से पता चला है कि मधुमेह व हार्मोन के असंतुलन से नपुंसकता हो सकती है. शरीर में किसी प्रकार के संक्रमण के कारण व्यक्ति नपुंसकता का शिकार हो सकता है या फिर शरीर में चोट लगना, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान व मदिरापान जैसे अन्य शारीरिक कारण भी हो सकते हैं. हमारे जीवन में हार्...

*शुद्ध शहद की पहचान और प्रयोग*

*शुद्ध शहद की पहचान और प्रयोग* *Super 👌 Food in the World* *शहद जन्म से लेकर अंत तक ले सकते हैं , शहद को पचाने की जरूरत नहीं होती क्योंकि Bee 🐝 शहद को पहले ही digestive बना देती हैं इसलिए बच्चे 👩🏼‍🍼 को जन्म के समय शहद चटाया जाता है* तुरत ऊर्जा देता है बाजार में और आपके दरवाजे पे आपने शहद बेचते देखा होगा क्या आपको पता है कि शुद्ध शहद की क्या पहचान है मिलावट से बचने के लिए आप को पता होना चाहिए कि जो शहद आप खरीद रहे है वो नकली है या असली और आपको ये भी बतायेगे कि शुद्ध शहद के क्या उपयोग है - *शुद्ध शहद 🍯 की पहचान-* 1- *शुद्ध शहद में खुशबू रहती है और वह सर्दी में जम जाता है तथा गरमी में पिघल जाता है-* 2- *शुद्ध शहद को कुत्ता कभी नहीं खाता-* 3- *कागज पर शहद डालने से नीचे निशान नहीं* आता है- 4- *शहद की कुछ बूंदे पानी में डालें यदि यह बूंदे पानी में बनी रहती है तो शहद असली है* और शहद की बूंदे पानी में मिल जाती है तो शहद में मिलावट है- 5- *रूई की बत्ती बनाकर शहद* में भिगोकर जलाएं यदि बत्ती जलती रहे तो शहद शुद्ध है- 6- *एक ज़िंदा मक्खी पकड़कर शहद में डालें उसके ऊपर शहद डालकर मक्खी को दबा द...