सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

आज का प्रेरक विचार✍🏻🙏🏻

आज का प्रेरक विचार✍🏻🙏🏻 *शत्रुत्रा भी तभी तक रखनी चाहिए जब तक वह जीवित हैं*  रघुवर.! इस खल ने हमारे कई हजार सैनिकों की हत्या की है और तो और प्रभु इसने आपको और लक्ष्मण जी को भी भीषण पीड़ा दी है..! मेरा और समस्त वानर सैनिकों का मत है कि  हम इसके शव की ऐसी दुर्गति करें जिससे लंकावासी भयभीत हो जाएं.. जामवंत जी की बात सुनकर श्री राम मुस्कुराए और बोले; हे ब्रम्ह पुत्र आप हो तो बहुत ज्ञानी मगर मेरे प्रेम में और शत्रु से घृणा करने के कारण आप पर माया का पर्दा पड़ गया है ..? हे रीछ राज व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात उसके सारे बैर समाप्त हो जाते हैं तिसपर भी यदि कोई अपने  शत्रु के शव के साथ अनादर करता है तो वह धर्म विरुद्ध, नीति विरुद्ध कार्य करता है ,  इस वीर के शव को सम्मान सहित इसके स्वजनों को सौंप दो..! जैसे ही सुलोचना को ज्ञात हुआ कि उसके पति की मृत्यु हो गयी है तो वह विलाप करते हुए  युद्ध क्षेत्र में आई, हाय स्वामी ..! हे स्वामी .. कर के विलाप करने लगी   , सुलोचना के रुदन और पीड़ा को देखकर स्वयं रघुवर औऱ लक्ष्मण जी रोने लगे, रघुवर सुलोचना के पास गए और बोले;...

"स्वभाव बदलने की जडी-बुटी"

"स्वभाव बदलने की जडी-बुटी"                                                                                                                                                                                                                         बहुत समय पहले की बात है , एक वृद्ध सन्यासी हिमालय की पहाड़ियों में कहीं रहता था. वह बड़ा ज्ञानी था और उसकी बुद्धिमत्ता की ख्याति दूर -दूर तक फैली थी. एक दिन एक औरत उसके पास पहुंची और अपना दुखड़ा रोने लगी , ” बाबा, मेरा...

*इन नौ औषधियों में वास है नवदुर्गा का*

*इन नौ औषधियों में वास है नवदुर्गा का*  *औषधी: सम्प्रवक्ष्यामि महारक्षा विधायिनी ।* *महाकाली तथा चण्डी वाराही चेश्वरी तथा ।।* *सुदर्शना तथेन्द्रेणी गात्रास्या रक्षयन्ति तम् ।* *बला चातिबला भीरूर्मुसली सहदेव्यपि ।।* *जाती च मल्लिका यूथी गारुड़ी भृङ्गराजक:।* *चक्ररूपा महौषध्यो धारिताविजयादिदा: ।।अग्निपुराण १२५/४३-४५*  मां दुर्गा नौ रूपों में अपने भक्तों का कल्याण कर उनके सारे संकट हर लेती हैं।  इस बात का जीता जागता प्रमाण है, संसार में उपलब्ध वे औषधियां,जिन्हें मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के रूप में जाना जाता है। नवदुर्गा के नौ औषधि स्वरूपों को सर्वप्रथम मार्कण्डेय चिकित्सा पद्धति के रूप में दर्शाया गया। चिकित्सा प्रणाली का यह रहस्य वास्तव में ब्रह्माजी ने दिया था जिसे बारे में दुर्गाकवच में संदर्भ मिल जाता है। ये औषधियां समस्त प्राणियों के रोगों को हरने वाली हैं।  शरीर की रक्षा के लिए कवच समान कार्य करती हैं। इनके प्रयोग से मनुष्य अकाल मृत्यु से बचकर सौ वर्ष जी सकता है। आइए जानते हैं दिव्य गुणों वाली नौ औषधियों को जिन्हें नवदुर्गा कहा गया है। १ प्रथम शैलपुत्री यानि ...

भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 17 चीजें, हो सकते हैं कई नुकसान

भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 17 चीजें, हो सकते हैं कई नुकसान खाने की कई ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें फ्रिज में रखने से उनकी न्यूट्रिशनल वैल्यू पर गलत असर पड़ता है भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 17 चीजें, हो सकते हैं कई नुकसान   db हमारी आदत होती है कि हम कुछ भी सामान लाकर उसे फ्रेश रखने के लिए सीधे फ्रिज में रख देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी ये आदत आप पर ही भारी पड़ सकती है? दरअसल कई ऐसी खाने की चीजें होती हैं जिन्हें फ्रिज में रखने से उनकी न्यूट्रिशनल वैल्यू पर गलत असर पड़ता है और इसी वजह से वह हेल्दी फूड भी आपके लिए नुकसान दायक बन सकता है. यहां उन 17 आइटम की लिस्ट है जिन्हें फ्रिज से दूर रखना चाहिए. इन्हें रूम टेंपरेचर पर रखना ही सही होता है: 1- टमाटर : अगर टमाटर को फ्रिज में रखा जाए तो वह अपना टैंगी फ्लेवर खो देता है. टमाटर को बेस्वाद और उसका टेक्सचर बदलने से बचाने के लिए उसे फ्रिज से दूर ही रखें. 2- केला : केले को पकने के लिए रूम टेंपरेचर की जरूरत होती है. अगर आप केले को कच्चा ही रखना चाहते हैं तो उसे फ्रिज में रख सकते हैं. एक्सपर्ट्स की सलाह होती है कि केले फ्रिज से...

गाय का झूठा गुड़🥀🥀🥀

आज की प्रेरक कहानी✍🏻🙏🏻 गाय का झूठा गुड़🥀🥀🥀 एक शादी के निमंत्रण पर जाना था, पर मैं जाना नहीं चाहता था। एक व्यस्त होने का बहाना और दूसरा गांव की शादी में शामिल होने से बचना, लेक‌िन घर परिवार का दबाव था सो जाना पड़ा। *उस दिन शादी की सुबह में काम से बचने के लिए सैर करने के बहाने दो तीन किलोमीटर दूर जा कर मैं गांव को जाने वाली रोड पर बैठा हुआ था। हल्की हवा और सुबह का सुहाना मौसम बहुत ही अच्छा लग रहा था। पास के खेतों में कुछ गाय चारा खा रही थी कि तभी वहाँ एक लग्जरी गाड़ी आकर रूकी और उसमें से एक वृद्ध उतरे। अमीरी उसके लिबास और व्यक्तित्व दोनों बयां कर रहे थे।* वे एक पॉलीथिन बैग ले कर मुझसे कुछ दूर पर ही एक सीमेंट के चबूतरे पर बैठ गये, पॉलीथिन चबूतरे पर उंडेल दी, उसमे गुड़ भरा हुआ था, अब उन्होने आओ आओ करके पास में ही खड़ी ओर बैठी गायो को बुलाया, सभी गाय पलक झपकते ही उन बुजुर्ग के इर्द गिर्द ठीक ऐसे ही आ गई जैसे कई महीनो बाद बच्चे अपने मांबाप को घेर लेते हैं, कुछ गाय को गुड़ उठाकर खिला रहे थे तो कुछ स्वयम् खा रही थी, वे बड़े प्रेम से उनके सिर पर गले पर हाथ फेर रहे थे। *कुछ ही देर में गाय अधि...

_फालसा_

*_फालसा_* फालसे का विशाल पेड़ होता है। यह बगीचों में पाया जाता है। उत्तर भारत में इसकी उत्पत्ति अधिक होती है। इसका फल पीपल के फल के बराबर होता है। इसको फालसा कहते हैं। यह मीठा होता है। गर्मी के दिनों में इसका शर्बत भी बनाकर पीते हैं। *विभिन्न रोगों में उपयोग :* *1. पित्त विकार और हृदय रोग:* पके फालसे के रस को पानी में मिलाकर, पिसी हुई सोंठ और शक्कर के साथ पिलाना चाहिए। पके फालसे के रस को पानी, सौंफ और चीनी मिलाकर सेवन करने से लाभ मिलता है। *2. लू का लगना:* शहतूत और फालसे का शर्बत पीने से लू से बचा जा सकता है। फालसे के साथ सेंधानमक खाने से लू नहीं लगती है। *3. शीतपित्त:* पित्त-विकार में पके फालसे के रस में पानी, सोंठ और चीनी मिलाकर पीना चाहिए। *4. मूत्ररोग:*  फालसा खाने व शर्बत पीने से भी मूत्र की जलन खत्म होती है। *5. गर्भ में मरे हुए बच्चे को निकालना:* नाभि, बस्ति और योनि पर फालसे की जड़ का लेप करना चाहिए। इससे गर्भ में मरा हुआ बच्चा तुरन्त निकल जाता है। *6. शरीर की जलन:* अगर शरीर में जलन हो तो फालसे के फल या शर्बत को सुबह-शाम सेवन करने से लाभ मिलता है। पके हुए फालसे को शक्कर के साथ...

गाजर (Carrot)

*गाजर (Carrot)* गाजर प्रकृति की बहुत ही कीमती देन है जो शक्ति का भण्डार है। गाजर फल भी है और सब्जी भी तथा इसकी पैदावार पूरे भारतवर्ष में की जाती है। मूली की तरह गाजर भी जमीन के अन्दर पैदा होती है।  गाजर के सेवन से शरीर मुलायम और सुन्दर बना रहता है तथा शरीर में शक्ति का संचार होता है और वजन भी बढ़ता है। बच्चों को गाजर का रस पिलाने से उनके दांत आसानी से निकलते हैं और दूध भी ठीक से पच जाता है। बवासीर, क्षयरोग पित्त आदि में गाजर का सेवन करना बहुत ही उपयोगी है। गाजर का रस दिमाग के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। गाजर के सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है तथा शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है। इसके उपयोग से गुदा की जलन भी दूर हो जाती है।  *विभिन्न  में गाजर का उपयोग :* *1. बांझपन:* बांझ स्त्री को गाजर के बीजों की धूनी इस प्रकार दें कि उसका धुंआ रोगिणी की बच्चेदानी तक चला जाए। जलते हुए कोयले पर गाजर के बीज डालें। इससे धुंआ होने लगेगा। इसी धूनी को रोगिणी को दें तथा रोजाना उसे गाजर का रस पिलायें।  *2. गर्भावस्था:*  गर्भावस्था में गाजर का रस पीते रहने से सैप्टिक रोग नही...